अराजकता की कब तक भेंट चढ़ेगा बांग्लादेश, स्थिति अब भी दिख रही है नियंत्रण से बाहर

Authored By: सतीश झा

Published On: Tuesday, August 27, 2024

protest still in bangladesh
protest still in bangladesh

बांग्लादेश में अशांति जारी है। सड़कों पर हिंसा आगजनी की ,खबरें आ ही रही है। अंसार ने सचिवालय में अधिकारियों को बंधक बनाया है। सेना पहुंची, तब छूटे। छात्रों से झड़प, हिंसा में कम से कम 40 घायल हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश को पद से हटाने के बाद उनकी तबियत नासाज है। कई लोग शांति की तलाश में अन्य देशों की रूख करने की सोच रहे हैं।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Tuesday, August 27, 2024

बांग्लादेश में शेख हसीना (Sheikh Hasina) को सत्ता से बेदखल करने के बावजूद अशांति का ज्वालामुखी ठंडा नहीं पड़ा है। रविवार को भी राजधानी ढाका में शाम से रात तक हिंसक प्रदर्शन होते रहे। अंतरिम सरकार में शामिल भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेताओं के साथ अंसार सिक्योरिट एजेंसी के वर्करों से टकराव के चलते हालात गंभीर हो गए। अंसार सिक्योरिटी एजेंसी को हसीना समर्थक माना जाता है। नियमिति किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अंसार एजेंसी के वर्करों ने सचिवालय के कई अधिकारियों को बंधक बना लिया। इस दौरान हुई हिंसा में कम से कम 40 लोग घायल हो गए।

हिंसा में भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेता हसनत अब्दुल्ला घायल

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, सचिवालय के पास शाम बाद छात्रों और अंसार सदस्यों के बीच हुई हिंसा में भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेता हसनत अब्दुल्ला (Hasnat Abdullah) घायल हो गए। डीएमसीएच पुलिस चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर बच्चू मिया ने पुष्टि की कि उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंस्पेक्टर ने कहा कि झड़पों में छात्रों, अंसार सदस्यों, राहगीरों और पत्रकारों सहित कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं।

अखबार के अनुसार, जैसे-जैसे रात चढ़ी, वैसे-वैसे सचिवालय के पास छात्रों और अंसार सदस्यों के बीच झड़पें तेज होती गईं। रात नौ बजे के बाद तो दोनों एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर दबोचने लगे। हालात अनियंत्रित होते ही रात करीब 10 बजे सेना पहुंची। सैनिकों की मौजूदगी के बावजूद छात्रों और अंसार सदस्यों के बीच गोलीबारी होती रही। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।

सचिवालय के गेट पर सेना के जवान तैनात

अंसार के अधिकांश सदस्य जीरो प्वाइंट से बाहर निकल गए। सचिवालय के आसपास का क्षेत्र तब हजारों छात्रों के नियंत्रण में आ गया। सचिवालय के गेट पर सेना के जवान तैनात किए गए। छात्र किसी भी साजिश का विरोध करने की कसम खाते हुए नारे लगाते रहे। ढाका विश्वविद्यालय के छात्र अतीक हुसैन ने कहा कि अंसार सदस्यों की शुरुआती मांगें पूरी कर दी गई थीं, लेकिन अब वे एक अनुचित मांग के साथ स्थिति को जटिल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों के पीछे कोई साजिश हो सकती है, खासकर देश में चल रहे संकट को देखते हुए। रात करीब साढ़े दस बजे सलाहकार नाहिद इस्लाम और आसिफ महमूद सचिवालय से बाहर आए और उत्तेजित छात्रों से शांत रहने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उन पर हमला करने वाले अंसार सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले दिन में ढाका विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों के छात्रों ने सचिवालय तक मार्च किया। इसके बाद राजू मेमोरियल स्कल्पचर पर जुटे। इस दौरान छात्रों को सूचना मिली कि अंसार सदस्यों ने अंतरिम सरकार में सलाहकार और भेदभाव विरोधी छात्रों के आंदोलन के समन्वयक नाहिद इस्लाम को सचिवालय में समन्वयक सरजिस आलम, हसनत अब्दुल्ला और अन्य के साथ हिरासत में ले लिया। इसके बाद हिंसक झड़प शुरू हो गई।

हसनत अब्दुल्ला ने फेसबुक पोस्ट में प्रदर्शनकारी अंसार सदस्यों की मांगें पूरी होने के बावजूद सचिवालय की लगातार नाकाबंदी के लिए अंसार के पूर्व महानिदेशक मेजर जनरल एकेएम अमीनुल हक को दोषी ठहराया। हसनत ने सभी से ढाका विश्वविद्यालय में राजू मेमोरियल मूर्तिकला के सामने इकट्ठा होने का भी आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि एकेएम अमीनुल हक पूर्व जल संसाधन उप मंत्री एकेएम इनामुल हक शमीम के बड़े भाई हैं।

अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी (Jahangir Alam Chowdhury) से आश्वासन मिलने के बाद अंसार सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया। अंसार सदस्य अपनी नौकरियों के राष्ट्रीयकरण की मांग को लेकर दो दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

आखिर क्या है अंसार ?

बांग्लादेश में अंसार (Ansar) एक ग्राम रक्षा बल है। इसे अंसार बाहिनी या अंसार वीडीपी के रूप में भी जाना जाता है। बांग्लादेश में यह आंतरिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के संरक्षण के लिए जिम्मेदार एक अर्धसैनिक सहायक बल है। यह बांग्लादेश सरकार के गृह मंत्रालय से प्रशासित होता है।

बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की हालत गंभीर

बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एएचएम शम्सुद्दीन चौधरी माणिक (Former SC Judge AHM Shamsuddin Chowdhury Manik) को गंभीर हालत में उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है। शनिवार को सिलहट अदालत परिसर में पुलिस की हिरासत में शम्सुद्दीन चौधरी पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था, जिसमें शम्सुद्दीन बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया जहां शनिवार देर रात हालत बिगड़ने पर आईसीयू में स्थानांतरित किया गया है।

सिलहट उस्मानी मेडिकल अस्पताल के सहायक निदेशक डॉ. जलील कैसर खोकोन (Dr. Jalil Qaiser Khokon) के मुताबिक हमले के कारण पूर्व न्यायाधीश का अंडकोष फट गया था जिसका ऑपरेशन किया गया। उनके शरीर पर कई चोटें और घाव थे और वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं।

ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, सिलहट के उप महानिरीक्षक (डीआईजी जेल) एमडी सगीर मियां (Md Saghir Miyan) ने कहा कि न्यायमूर्ति माणिक की हालत गंभीर है, हमले के कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव हुआ है। सेना और पुलिस पूर्व न्यायाधीश को सुरक्षा प्रदान कर रही है और अस्पताल क्षेत्र के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

(हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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