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शी जिनपिंग का भारत दौरा कंफर्म, BRICS समिट में पीएम मोदी से मुलाकात पर नजर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, September 10, 2026
Last Updated On: Thursday, September 10, 2026
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा हो रहा है. गलवान विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संभावित मुलाकात और भारत-चीन संबंधों की दिशा पर दुनिया की नजर रहेगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, September 10, 2026
BRICS India Visit: भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है. चीन ने पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे. चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर जिनपिंग BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. करीब सात साल बाद उनका भारत आना ऐसे समय हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं.
सात साल बाद फिर दिल्ली आएंगे चीनी राष्ट्रपति
शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे. तब प्रधानमंत्री मोदी के साथ तमिलनाडु के मामल्लपुरम में अनौपचारिक शिखर बैठक हुई थी. दोनों नेताओं ने उस दौरान भारत-चीन संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी. इससे पहले जिनपिंग 2016 में गोवा में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे. सितंबर 2014 में उन्होंने पहली बार भारत का दौरा किया था.
गलवान के बाद पहली बड़ी आमने-सामने मुलाकात
जिनपिंग की मौजूदा यात्रा भारत-चीन संबंधों के लिहाज से इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय बातचीत का मौका हो सकता है. सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आया था. हालांकि, हाल के समय में संवाद और संबंधों को पटरी पर लाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए हैं.
SCO मंच के बाद अब BRICS की बारी
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के सम्मेलन में एक ही मंच पर नजर आए थे. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था, लेकिन उस दौरान कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई थी. अब नई दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों की संभावित मुलाकात पर भारत और चीन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर रहेगी.
BRICS में दुनिया के बड़े मुद्दों पर मंथन
नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की भागीदारी की भी पुष्टि हो चुकी है. सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. पश्चिम एशिया के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक शांति, बहुपक्षीय सहयोग और विकासशील देशों की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रह सकती है.
भारत-चीन रिश्तों के लिए कितना अहम होगा दौरा?
शी जिनपिंग की यात्रा को सिर्फ BRICS बैठक तक सीमित नहीं देखा जा रहा है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत से सीमा और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर आगे का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. हालांकि, इस मुलाकात से रिश्तों में कितना बदलाव आता है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा. फिलहाल सात साल बाद जिनपिंग की भारत यात्रा ने BRICS सम्मेलन को कूटनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बना दिया है.
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