बंगाल उपचुनाव से पहले TMC के सामने नई चुनौती, नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से भी उम्मीदवार ने नाम वापस लिया

Authored By: Nishant Singh

Published On: Saturday, September 19, 2026

Updated On: Saturday, September 19, 2026

बंगाल उपचुनाव से पहले TMC उम्मीदवार का नामांकन वापस

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के खेमे के सामने नई चुनौती सामने आई है. नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे के बाद रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी ने भी नामांकन वापस लिया. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन मिला है.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Saturday, September 19, 2026

West Bengal by-election: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे को दोनों सीटों पर उम्मीदवारों से जुड़े घटनाक्रम का सामना करना पड़ा है. नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, जबकि अब रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी ने भी चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया है. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है.

पहले नंदीग्राम में बदला समीकरण

नंदीग्राम से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, 18 सितंबर को उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया. यह कदम चुनाव आयोग की ओर से ममता खेमे को नया पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने के कुछ घंटे बाद सामने आया. इसके बाद नंदीग्राम में ममता खेमे का कोई उम्मीदवार नहीं रहा.

रेजीनगर में रबीउल आलम भी पीछे हटे

अब रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने की खबर सामने आई है. उन्होंने चुनावी मैदान से हटने के पीछे नए चुनाव चिन्ह को कम समय में मतदाताओं तक पहुंचाने में आने वाली परेशानी और कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए तैयार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने का कारण बताया है. उन्होंने अपने फैसले की जानकारी ममता बनर्जी को भी देने की बात कही है.

नए चुनाव चिन्ह का मामला क्यों अहम है?

इन उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठन और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे को अलग नाम और नया चुनाव चिन्ह दिया है. इसके बाद उम्मीदवारों के सामने नए चिन्ह को मतदाताओं तक पहुंचाने की चुनौती भी सामने आई. रेजीनगर के उम्मीदवार ने अपने नाम वापस लेने के फैसले में इसी व्यावहारिक दिक्कत का हवाला दिया है.

नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की. हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस मामले को पुराने हत्या के मामलों से जुड़ा बताया. गिरफ्तारी के बाद इस घटनाक्रम पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए.

दोनों सीटों पर मुकाबले की तस्वीर

नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव की तारीख पहले ही तय हो चुकी है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी. नंदीग्राम में अलग-अलग राजनीतिक दलों और गुटों के उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि रेजीनगर में भी कई दलों ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं.

अब आगे क्या होगा?

दोनों सीटों पर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकाबले की अंतिम तस्वीर सामने आएगी. नंदीग्राम में ममता खेमे के उम्मीदवार के हटने के बाद कांग्रेस को उसका समर्थन मिल चुका है, जबकि रेजीनगर में रबीउल आलम के हटने से ममता खेमे के पास अब कोई उम्मीदवार नहीं है. ऐसे में 6 अक्टूबर के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल की इन दोनों सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है.

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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