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E20 जनता पार्टी की एंट्री, फॉलोअर्स की आई बाढ़, जानें क्या है शुद्ध पेट्रोल की मांग?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, July 27, 2026
Last Updated On: Monday, July 27, 2026
E20 Janta Party: E20 जनता पार्टी कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि E20 पेट्रोल के विरोध में शुरू हुआ एक सोशल मीडिया अभियान है. इसकी मुख्य मांग देशभर के पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराना है. बढ़ते फॉलोअर्स के बीच यह अभियान तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, July 27, 2026
E20 Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बाद अब सोशल मीडिया पर E20 जनता पार्टी तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है. यह कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के खिलाफ शुरू किया गया एक डिजिटल अभियान है. इस अभियान से हजारों लोग जुड़ चुके हैं और सोशल मीडिया पर इसके समर्थन में लगातार पोस्ट, वीडियो और मीम्स साझा किए जा रहे हैं. अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार E20 पेट्रोल उपलब्ध कराए, लेकिन साथ ही 100 प्रतिशत शुद्ध (इथेनॉल-फ्री) पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी लोगों को मिलना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और वाहन के अनुसार फैसला कर सकें.
क्या है E20 जनता पार्टी और कौन चला रहा है इसे?
E20 जनता पार्टी किसी भी चुनाव आयोग में पंजीकृत संगठन या राजनीतिक पार्टी नहीं है. यह खुद को एक स्वतंत्र नागरिक अभियान बताती है, जिसका उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं की आवाज उठाना है. अभियान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल का दावा है कि उनका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से कोई संबंध नहीं है. उनका कहना है कि वे केवल ईंधन नीति में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर खुली सार्वजनिक चर्चा चाहते हैं. अभियान लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों की बजाय मूल मुद्दे पर ध्यान दें.
क्या हैं इस अभियान की प्रमुख मांगें?
E20 जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग यह है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर E20 के साथ-साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए. अभियान का कहना है कि किसी भी वाहन मालिक पर एक ही तरह का ईंधन इस्तेमाल करने का दबाव नहीं होना चाहिए. इसके अलावा वाहन निर्माता की सिफारिश के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराने, उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का विकल्प देने, ईंधन नीति में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने तथा आम नागरिकों के वाहनों को किसी तरह के “फ्यूल एक्सपेरिमेंट” का हिस्सा न बनाने जैसी मांगें भी सामने रखी गई हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी से क्यों हो रही तुलना?
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत और प्रस्तुति का तरीका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से काफी मिलता-जुलता माना जा रहा है. CJP ने भी सोशल मीडिया के जरिए व्यंग्य, मीम्स और जनभागीदारी के साथ अपनी पहचान बनाई थी, जो बाद में बड़े आंदोलन में बदल गई. इसी कारण E20 जनता पार्टी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. हालांकि इस अभियान ने स्पष्ट किया है कि उसका मकसद केवल ईंधन नीति पर बहस शुरू करना और उपभोक्ताओं की चिंताओं को सामने लाना है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना.
तेजी से बढ़ रहा समर्थन, अब सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर
E20 जनता पार्टी का प्रभाव सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है. कुछ ही समय में इसके X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के फॉलोअर्स लगभग 13 हजार से बढ़कर 45 हजार से अधिक हो गए, जबकि इंस्टाग्राम पर यह संख्या 8,800 से बढ़कर करीब 1.44 लाख तक पहुंच गई. बढ़ता समर्थन इस बात का संकेत है कि ईंधन नीति और वाहन मालिकों की पसंद का मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है. अब सभी की नजर इस पर है कि सरकार इस मांग को किस तरह देखती है और भविष्य में उपभोक्ताओं को E20 के साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने पर कोई फैसला लेती है.
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