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बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर भारत में हो रहा है ऐसा सियासी हलचल
Authored By: सतीश झा
Published On: Monday, August 5, 2024
Last Updated On: Monday, August 5, 2024
पड़ोसी परेशान हो, तो उसका असर आता ही है। बांग्लादेश की राजनीतिक संकट के बाद भले ही वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गई हों। अगरतल्ला में उनके हेलिकॉप्टर के आने की सूचना है। लेकिन, इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भारतीय नेताओं में भी देखी जा रही है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Monday, August 5, 2024
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपना देश छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों के कारण वहां की अंतरिम सरकार की औपचारिकता सेना के हाथों में दिख रही है। इस बीच भारतीय नेताओं के बयानों का दौर शुरू हो चुका है। भारत सरकार की ओर से एहतियात के कई कदम उठाए गए हैं।
48 घंटे के भीतर एक अंतरिम सरकार
बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान ने सोमवार (5 अगस्त) को देश को संबोधित किया। सेना प्रमुख ने कहा कि देश में 48 घंटे के भीतर एक अंतरिम सरकार की स्थापना होगी। बांग्लादेश में शेख़ हसीना ने प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया है और भारत के अगरतला शहर की तरफ रवाना हो गई हैं। जनरल वकर-उज-जमान ने कहा कि मारपीट हिंसा से कुछ हासिल नहीं होंगा। कृपा करके अराजकता और संघर्ष से दूर रहे। हम लोग एक सुंदर भविष्य की ओर अग्रसर होंगे। हमने सभी नेताओं से बातचीत की है। सभी उपस्थित थे। हमने एक अच्छी बातचीत की है। हमें लगता है कि जो बातचीत हुई है वो सफल होगी।
शेख़ हसीना का प्रधानमंत्री पद छोड़ना और अगरतला की ओर रवाना होना भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। पिछले महीने से छात्र आंदोलनों की हिंसक गतिविधियां और इसके परिणामस्वरूप हुई मौतें एक बड़ी चिंता का विषय हैं। यह आंदोलन संभवतः सरकार की नीतियों या अन्य मुद्दों के खिलाफ हो सकता है, जो व्यापक जन असंतोष को दर्शाता है।
सीएम ममता बनर्जी ने की शांति की अपील
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने और वहां अंतरिम सरकार बनाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बंगाल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती हूं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह दो देशों के बीच का मामला है, केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी, हम उसका समर्थन करेंगे।”
बांग्लादेश में बहुत दुखःद घटना : लॉकेट चटर्जी
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा, “बांग्लादेश में जो घटना घट रही है वो बहुत दुखःद है। आज बांग्लादेश से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हमारे देश में आ रही हैं। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश सुरक्षित है इसिलए शेख हसीना भारत में आईं। हमें गर्व महसूस होता है कि देश सुरक्षित हैं इसलिए इस परिस्थिति में शेख हसीना भारत आईं।”
पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला की ये है रायशुमारी
पूर्व विदेश सचिव और बांग्लादेश के पूर्व राजदूत हर्ष वर्धन श्रृंगला से पूछा गया कि क्या हसीना भारत में रहेंगी तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए ये कहना मुश्किल है. ध्यान रखें कि शेख हसीना 1975 से लेकर लगभग 1979 तक यहीं थीं जब वह अपने पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद अपने देश वापस चली गईं। भारत ने कभी भी हमारे पड़ोस में रहने वालों को सुरक्षित आश्रय या शरण देने से इनकार नहीं किया है। लेकिन मेरी अपनी समझ यह है कि कई अन्य जगहें हैं जहां प्रधानमंत्री जा सकते हैं…हम इस बिंदु पर अटकलें नहीं लगा सकते।













