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Sawan 2026 somwar vrat: सावन का पहला सोमवार बनेगा बेहद खास, 6 शुभ योगों का महासंयोग, जानें पूजा के श्रेष्ठ मुहूर्त और शिव कृपा पाने के उपाय
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, July 28, 2026
Last Updated On: Tuesday, July 28, 2026
Sawan 2026 somwar vrat: सावन का पहला सोमवार इस बार बेहद शुभ माना जा रहा है. 3 अगस्त को एक साथ छह शुभ योग बन रहे हैं, जिससे शिव पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा. जानिए पूजा के तीन सर्वोत्तम मुहूर्त, शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और पूरे सावन के चारों सोमवार की महत्वपूर्ण तिथियां.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, July 28, 2026
Sawan 2026 somwar vrat: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. वर्ष 2026 में सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा. इस दौरान कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जिनमें पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को है. इस बार पहला सोमवार कई मायनों में विशेष माना जा रहा है, क्योंकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन एक साथ छह शुभ योग बन रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे दुर्लभ संयोग में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है.
एक साथ बनेंगे 6 शुभ योग, बढ़ेगा शिव आराधना का फल
हिंदू पंचांग के अनुसार 3 अगस्त को प्रीति योग, आयुष्मान योग, सुकर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग एक साथ रहेंगे. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इतने शुभ योगों का एक साथ बनना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, तप, रुद्राभिषेक और शिव पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है. भगवान शिव की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होने, मानसिक शांति मिलने और परिवार में सुख-समृद्धि आने की भी मान्यता है.
पूजा के लिए ये रहेंगे तीन सर्वोत्तम मुहूर्त
यदि आप पहले सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं या विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा, जबकि संध्या काल का शुभ मुहूर्त शाम 7:11 बजे से रात 8:14 बजे तक रहेगा. इन समयों में भगवान शिव का अभिषेक, मंत्र जाप और आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है.
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
संध्या काल मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 8:14 बजे तक
शिवलिंग पर अर्पित करें ये पवित्र सामग्री
धार्मिक परंपराओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल या गाय के दूध से करना शुभ माना जाता है. इसके बाद तीन पत्तियों वाले पांच बेलपत्र श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर चढ़ाएं. शमी पत्र, चंदन, भांग, धतूरा और मदार के फूल भी भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं. इन सामग्रियों के साथ श्रद्धा से पूजा करने पर आर्थिक उन्नति, पारिवारिक सुख, दांपत्य जीवन में मधुरता और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.
सावन के चारों सोमवार की तिथियां
इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे. पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त 2026 को रहेगा. श्रद्धालु इन सभी सोमवारों पर व्रत, शिव पूजा और रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. खासतौर पर पहले सोमवार को बन रहे छह शुभ योग इसे पूरे सावन का सबसे विशेष दिन बना रहे हैं, इसलिए इस अवसर पर नियम, श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना गया है.
















