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Baba Mahakal Ujjain: श्रावण की पहली शाही सवारी 3 अगस्त को, चंद्रमौलेश्वर रूप में देंगे बाबा महाकाल दिव्य दर्शन, जानें पूरा कार्यक्रम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, August 1, 2026
Last Updated On: Saturday, August 1, 2026
Baba Mahakal Ujjain: श्रावण के पहले सोमवार 3 अगस्त को उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली शाही सवारी निकलेगी. चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भगवान नगर भ्रमण करेंगे. प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के विशेष इंतजाम किए हैं. जानिए सवारी का पूरा कार्यक्रम, मार्ग और इस बार की खास तैयारियां.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, August 1, 2026
Baba Mahakal Ujjain: श्रावण मास का पहला सोमवार उज्जैन के लिए केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है. इस बार 3 अगस्त को निकलने वाली बाबा महाकाल की पहली शाही सवारी को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सवारी को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. श्रद्धालुओं को इस बार पहले से बेहतर व्यवस्थाओं के बीच बाबा महाकाल के दर्शन का अवसर मिलेगा.
आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम
श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की शाही सवारी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान भगवान महाकाल स्वयं नगर भ्रमण कर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं और पूरे नगर का आशीर्वाद स्वरूप संरक्षण करते हैं. इसी कारण हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस दिव्य यात्रा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं.
इस वर्ष भी बाबा महाकाल पालकी में विराजमान होकर भक्तों के बीच आएंगे. पूरे मार्ग पर “हर-हर महादेव” के जयघोष, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत से वातावरण शिवमय हो जाएगा.
इस बार क्या रहेगा खास?
इस बार प्रशासन ने सवारी मार्ग पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. जिन रास्तों पर पहले सड़कें खराब थीं, उन्हें दुरुस्त किया गया है. विशेष रूप से ईदगाह मार्ग का चौड़ीकरण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं और पालकी के आवागमन में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी.
सवारी मार्ग पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें.
सवारी का पूरा कार्यक्रम
पहली शाही सवारी का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है-
- दोपहर 3:30 बजे – श्री सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का विशेष पूजन.
- शाम 4:00 बजे – महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से पालकी का प्रस्थान.
- शाम 5:00 से 5:30 बजे – रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तट पर पूजन, अभिषेक और आरती.
- शाम 7:15 बजे – पालकी का पुनः महाकाल मंदिर परिसर में आगमन.
इन मार्गों से होकर निकलेगी शाही सवारी
बाबा महाकाल की पालकी महाकाल मंदिर से निकलकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी. यहां क्षिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा से होती हुई पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी.
पूरे मार्ग पर श्रद्धालु फूलों की वर्षा कर बाबा का स्वागत करेंगे.
चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में देंगे दर्शन
श्रावण के पहले सोमवार बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे. यह स्वरूप शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है. सवारी के दौरान सशस्त्र पुलिस बल द्वारा बाबा महाकाल को पारंपरिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा, जो इस आयोजन की विशेष परंपरा का हिस्सा है.
जब पालकी गोपाल मंदिर पहुंचेगी, तब हरि-हर मिलन का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा. भगवान विष्णु और भगवान शिव के इस प्रतीकात्मक मिलन को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है.
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की विशेष तैयारी
भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल, स्वयंसेवकों और आपातकालीन सेवाओं की तैनाती रहेगी. श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करें.
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