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टीम इंडिया के अगले टेस्ट सितारों की तलाश शुरू, श्रीलंका सीरीज से पहले BCCI ने उठाया बड़ा और अहम कदम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, July 4, 2026
Last Updated On: Saturday, July 4, 2026
बीसीसीआई ने भविष्य की भारतीय टेस्ट टीम तैयार करने के लिए बेंगलुरु में इमर्जिंग मेन्स रेड बॉल टूर्नामेंट शुरू किया है. चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की नजर रहेगी. शानदार प्रदर्शन करने वालों को इंडिया-ए और टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड में मौका मिल सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, July 4, 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टेस्ट क्रिकेट के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. युवा खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बोर्ड ने एक विशेष इमर्जिंग मेन्स रेड बॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का फैसला किया है. यह प्रतियोगिता 4 जुलाई से 26 जुलाई तक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में खेली जाएगी. इस टूर्नामेंट का आयोजन भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे से पहले किया जा रहा है, ताकि चयनकर्ताओं को भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों को परखने का बेहतर मौका मिल सके.
क्यों है यह टूर्नामेंट इतना खास?
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में टी20 और आईपीएल के जरिए कई युवा खिलाड़ियों ने तेजी से पहचान बनाई है. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट की चुनौती पूरी तरह अलग होती है, जहां तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने चार दिवसीय रेड बॉल टूर्नामेंट शुरू किया है. इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए पहले इंडिया-ए और उसके बाद भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है.
चार टीमें, तीन मुकाबले और कड़ी परीक्षा
इस टूर्नामेंट में कुल चार टीमें हिस्सा लेंगी और प्रत्येक टीम तीन-तीन चार दिवसीय मैच खेलेगी. सभी मुकाबले बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होंगे. चयनकर्ताओं की नजर केवल रन या विकेट पर ही नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों की बल्लेबाजी तकनीक, गेंदबाजी क्षमता, फिटनेस, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन करने की योग्यता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. यही वजह है कि इस प्रतियोगिता को भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
चारों टीमों के कप्तान
- टीम A: उदय सहारन
- टीम B: स्मरण रविचंद्रन
- टीम C: यश ढुल
- टीम D: कोडिमेला हिमतेजा
युवा कप्तानों पर होगी सबकी नजर
इस टूर्नामेंट की कप्तानी उन खिलाड़ियों को सौंपी गई है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है. उदय सहारन ने 2024 अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी, जबकि यश ढुल 2022 अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के कप्तान रहे हैं. वहीं स्मरण रविचंद्रन घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और कोडिमेला हिमतेजा भी उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. इन खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अपने नेतृत्व और खेल दोनों को साबित करने का बड़ा अवसर होगा.
अनुभवी कोच देंगे युवा खिलाड़ियों को दिशा
बीसीसीआई ने केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि उनके मार्गदर्शन पर भी विशेष ध्यान दिया है. इसी वजह से प्रत्येक टीम के साथ अनुभवी पूर्व भारतीय क्रिकेटरों को कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कोचिंग स्टाफ
- टीम A: हेड कोच – वसीम जाफर , असिस्टेंट – सौराशीष लाहिड़ी
- टीम B: हेड कोच – रमेश पवार , असिस्टेंट – अंशु जैन
- टीम C: हेड कोच – विनीत सक्सेना , असिस्टेंट – सिद्धार्थ त्रिवेदी
- टीम D: हेड कोच – देबाशीष मोहंती , असिस्टेंट – विनीत इंदुलकर
पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का अनुभव युवा क्रिकेटरों को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
टेस्ट टीम के नए सितारों की तलाश
रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में बीसीसीआई भविष्य की मजबूत टेस्ट टीम तैयार करने पर फोकस कर रहा है. यह टूर्नामेंट चयनकर्ताओं के लिए भविष्य के ओपनर, मध्यक्रम बल्लेबाज, तेज गेंदबाज और स्पिनरों की पहचान करने का अहम मंच साबित हो सकता है. शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुल सकते हैं, जिससे भारतीय टेस्ट क्रिकेट को आने वाले वर्षों के लिए नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.















