दिल्ली के आशा किरण शेल्टर होम में 14 मौतें, आखिर कौन है जिम्मेदार

Authored By: सतीश झा

Published On: Saturday, August 3, 2024

Delhi Asha Kiran Shelter Home
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दिल्ली के आशा किरण शेल्टर होम में 14 मौतों की घटना एक गंभीर मामला है और इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस तरह की घटनाएँ आमतौर पर गंभीर जांच  की मांग करती हैं।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Saturday, August 3, 2024

दिल्ली के आशा किरण शेल्टर होम में बच्चों की मौजूदा स्थिति और हाल की घटनाएँ चिंताजनक हैं।  शेल्टर होम में 350 बच्चों के रखने की क्षमता के बावजूद, यहाँ 1000 बच्चे रह रहे हैं। यह भीड़भाड़ स्वास्थ्य और देखभाल की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। बीमार होने और डायरिया की वजह से मौतें होने की जानकारी सामने आई है। यह संकेत करता है कि शेल्टर होम में स्वास्थ्य सुविधाओं और खाने-पीने की व्यवस्था में गंभीर कमी हो सकती है। योगेंद्र चंदोलिया द्वारा उठाए गए मुद्दे के अनुसार, 17 नर्सिंग ऑफिसर, 50 एएनएम (आयरन और नर्सिंग मिडवाइव्स), और 240 आया (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) बच्चों की देखभाल कर रहे हैं, लेकिन पिछले तीन-चार महीनों से उन्हें तनख्वाह और अन्य सहायता नहीं मिल रही है। इससे उनके कार्य में प्रभावी ढंग से योगदान देना मुश्किल हो सकता है।

आशा किरण शेल्टर होम मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग(NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, “खाने में फंगल लगा हुआ है। पुरानी दाल और रोटी खाने के लिए दी जा रही है। वहीं मेन्यू में देखें तो मटर-पनीर, चावल, दाल, दही सब दिखाई दे रहा है लेकिन बच्चों को कुछ नहीं मिल रहा है। भुखमरी से भी बच्चे मर रहे हैं।

DCP रोहिणी गुरइकबाल सिंह सिद्धू ने कहा, “… 196 BNSS के तहत कार्रवाई हमारे द्वारा पहले ही की जा चुकी है। मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम या फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, मजिस्ट्रेट जांच में जो भी सामने आता है, मजिस्ट्रेट से हमें जो भी निर्देश मिलते हैं, हम उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।

दिल्ली कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और दिल्ली के आशा किरण आश्रय गृह में हुई मौतों को लेकर दिल्ली की मंत्री आतिशी के इस्तीफे की मांग की।

सरकार और प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौतें

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा, “…मेरे अनुसार यह सीधे-सीधे आपराधिक लापरवाही का मामला है… डॉक्टरों ने बार-बार लड़कियों की रिपोर्ट्स में लिखा है कि वो कुपोषण की शिकार थीं… डॉक्टरों ने बताया है कि जो हजार लोग यहां रह रहे हैं उनमें से 30 प्रतिशत लोग कुपोषण के शिकार हैं, 20 प्रतिशत लोगों को अलग-अलग तरह के चरम रोग हैं। एक-एक छोटे कमरे में 46-46 महिलाओं को रखा हुआ है जहां बिस्तर तक नहीं हैं… यह किसकी लापरवाही से हो रहा है?… अंदर इतनी गर्मी है कि वहां खड़े रह पाना भी मुश्किल है… 200-300 महिलाएं हैं लेकिन उनके लिए एक भी AC नहीं लगाया गया… यहां अत्यधिक भीड़, कुपोषण, गर्मी और निर्जलीकरण से मौत हुई है। मंत्री अभी तक यहां नहीं आए हैं… क्या वे अपने एयरकंडीशन कमरों में बैठे रहेंगे और यहां पर लोग मरते रहेंगे?… मैं एक रिपोर्ट बना रही हूं और मैं सदन में ये विषय जरूर उठाउंगी।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने लगाया  AAP सरकार पर आरोप

आशा किरण आश्रय गृह में हुई मौतों पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “जब मैं प्रदेश अध्यक्ष था तब भी इस आशा किरण में 11 बच्चों की मौत की खबर सामने आई थी। आशा किरण में उन बच्चों को रखा जाता है जिनका कोई नहीं होता है। वो बीमार हो रहे हैं, उन्हें दवाईयां नहीं मिल रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में कितनी जानें लेगी?AAP सरकार की ऐसी संवेदनहीनता की कल्पना दिल्ली ने नहीं की थी। जो भी इसके दोषी है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा हो। इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, मौत नहीं हत्या है यह

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस महासचिव, नीतू वर्मा सोइन ने कहा, ” हम यहां यह जानने आए हैं कि क्या हुआ। यहां 14 हत्याएं कैसे हुई हैं? हमें बताया जा रहा है कि यहां 450 बच्चों को रखा जा रहा है, जबकि यहां सिर्फ 250 लोग रह सकते हैं। हम मांग करते हैं कि इसकी जांच होनी चाहिए। ये मौतें नहीं, बल्कि हत्याएं हैं…दिल्ली सरकार क्या कर रही है? हम इसके पीछे जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हैं।”

मीडिया के सामने दिल्ली भाजपा नेताओं ने कही ये बात

दिल्ली भाजपा के महामंत्री एवं सांसद योगेन्द्र चंदोलिया ने मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर की उपस्थिती में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुऐ कहा की रोहिणी स्थित विक्षिप्त जनों के लिए बना आशा किरण होम पिछले कई वर्षों से अरविंद केजरीवाल सरकार की अपराधिक लापरवाही के चलते लचर स्थिति से गुजर रहा है। गत 20 दिन में 13 विक्षिप्त जनों की असमायिक दुखद मृत्यु के समाचार से दिल्ली वाले स्तब्ध है। चंदोलिया ने कहा की विक्षिप्त जनों की दुखद मृत्यु का समाचार सामने आने पर आज प्रातः मैं आशा किरण होम पहुंचा और विक्षिप्त जनों की बदहाली पर होम के अधिकारियों से बात की। प्रेसवार्ता में प्रवक्ता शुभेन्दु शेखर अवस्थी भी उपस्थित थे।

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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