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भीषण गर्मी के बीच दिल्ली सरकार सख्त, बच्चों की सेहत बचाने पर फोकस, जारी की नई गाइडलाइन
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, April 22, 2026
Last Updated On: Wednesday, April 22, 2026
Delhi School: दिल्ली में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच सरकार ने स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. ‘वॉटर बेल’ जैसी पहल से बच्चों को समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाई जाएगी. इस फैसले का मकसद डिहाइड्रेशन और लू से बचाते हुए बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखना है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, April 22, 2026
Delhi School: दिल्ली में इन दिनों गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज धूप के साथ उमस ने जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. ऐसे हालात में सरकार ने स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है, ताकि पढ़ाई के साथ बच्चों की सेहत का भी ध्यान रखा जा सके. बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है.
स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी
दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गर्मी से बचाना और उनकी सेहत को सुरक्षित रखना है. सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी हालत में बच्चों की सेहत के साथ समझौता नहीं किया जाएगा. स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाएं.
‘वॉटर बेल’ से मिलेगा राहत का संकेत
नई गाइडलाइन का सबसे खास और चर्चा में रहने वाला फैसला ‘वॉटर बेल’ है. अब स्कूलों में हर 45 से 60 मिनट के बीच घंटी बजेगी, लेकिन यह घंटी क्लास खत्म होने के लिए नहीं होगी. इसका मकसद सिर्फ इतना होगा कि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें. अक्सर देखा जाता है कि पढ़ाई के दबाव में बच्चे पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इस पहल से बच्चों को पानी पीने की आदत विकसित होगी और वे गर्मी के असर से बच सकेंगे.
पढ़ाई से पहले सेहत को प्राथमिकता
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस समय पढ़ाई से ज्यादा जरूरी बच्चों की सेहत है. यही कारण है कि स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को ज्यादा देर तक धूप में न रखें और आउटडोर गतिविधियों को सीमित करें. इसके अलावा, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन और ठंडे पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है. इस तरह के कदम बच्चों को हीट स्ट्रोक और थकावट से बचाने में मदद करेंगे.
दिल्ली में बढ़ता तापमान बना चिंता का कारण
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली का तापमान तेजी से बढ़ा है. मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री के करीब बना हुआ है. दिन में तेज लू चल रही है और रात में उमस लोगों को परेशान कर रही है. ऐसे मौसम में बच्चों का स्कूल जाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है, इसलिए सरकार का यह फैसला समय की जरूरत के मुताबिक है.
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों को हल्के कपड़े पहनने, ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है. स्कूलों को भी कहा गया है कि अगर किसी बच्चे की तबीयत खराब होती है, तो तुरंत प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए.
बदलते मौसम में सतर्कता ही बचाव
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार की यह नई गाइडलाइन बच्चों की सुरक्षा के लिए एक जरूरी और सराहनीय कदम है. भीषण गर्मी के इस दौर में छोटी-छोटी सावधानियां बड़े खतरे को टाल सकती हैं. ‘वॉटर बेल’ जैसी पहल न केवल बच्चों को जागरूक करेगी, बल्कि उनकी सेहत को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगी. आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में स्कूलों और अभिभावकों दोनों को मिलकर बच्चों का खास ख्याल रखना होगा.
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