ड्रोन से बदलेगी दिल्ली की तस्वीर, नई नीति में 85 करोड़ का बजट और 1000 से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, August 10, 2026

Last Updated On: Monday, August 10, 2026

Delhi Govt Jobs दिल्ली ड्रोन नीति 85 करोड़ बजट और 1000 से ज्यादा रोजगार
Delhi Govt Jobs दिल्ली ड्रोन नीति 85 करोड़ बजट और 1000 से ज्यादा रोजगार

Delhi Govt Jobs: दिल्ली सरकार नई ड्रोन नीति के जरिए तकनीक, रिसर्च, ट्रेनिंग और कारोबार को बढ़ावा देने की तैयारी में है. पांच साल की इस नीति के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है. सरकार को उम्मीद है कि ड्रोन उद्योग के विस्तार, स्टार्टअप समर्थन और सरकारी इस्तेमाल से 1,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, August 10, 2026

Delhi Govt Jobs: ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार नई नीति लाने की तैयारी में है. इसका मकसद सिर्फ ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाना नहीं, बल्कि रिसर्च, ट्रेनिंग और निर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करना है. सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले समय में 1,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर बन सकते हैं.

जल्द कैबिनेट के सामने आएगा प्रस्ताव

दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ड्रोन नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और फिलहाल संबंधित विभागों के बीच इस पर चर्चा चल रही है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे अगले एक महीने के भीतर कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है. प्रस्तावित नीति की अवधि पांच साल होगी और इसके लिए करीब 85 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इसका लाभ ड्रोन क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप, कारोबारियों और तकनीकी संस्थानों को देने की योजना है.

रिसर्च से लेकर ट्रेनिंग तक पर फोकस

सरकार ड्रोन तकनीक को केवल उड़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहती. इसके लिए रिसर्च क्लस्टर, फ्लाइट टेस्टिंग सुविधाएं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है. ड्रोन बनाने, संचालित करने और उनकी मरम्मत के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होगी. इसी को देखते हुए आईटीआई के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. स्कूल स्तर पर भी ड्रोन तकनीक के प्रति जागरूकता और रिमोट पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है.

सरकारी कामकाज में बढ़ेगा ड्रोन का इस्तेमाल

नई नीति के तहत सरकारी सेवाओं में ड्रोन के इस्तेमाल के नए रास्ते तलाशे जाएंगे. पुलिस निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा राहत, जमीन का सर्वे, अतिक्रमण की पहचान और 3D मैपिंग जैसे कामों में इसका उपयोग बढ़ाया जा सकता है. यमुना क्षेत्र की निगरानी में भी ड्रोन तकनीक की संभावनाएं देखी जा रही हैं. इसके अलावा रियल एस्टेट, टेलीकॉम और मीडिया जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी है.

स्टार्टअप और कारोबार को मिल सकता है सहारा

नीति के जरिए ड्रोन से जुड़े कारोबार को आर्थिक प्रोत्साहन देने की योजना है. सरकार सब्सिडी और राज्य जीएसटी प्रतिपूर्ति जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है. ड्रोन तकनीक पर काम करने वाले शैक्षणिक संस्थानों को भी सहायता मिलने की संभावना है. इससे दिल्ली में नए स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों के लिए अवसर बढ़ सकते हैं.

सुरक्षा भी रहेगी प्राथमिकता

ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े करता है. इसलिए प्रस्तावित नीति में इनके सुरक्षित संचालन, निगरानी और दुरुपयोग रोकने की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर रहेगा. डीजीसीए के डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के साथ बेहतर समन्वय भी नीति का अहम हिस्सा हो सकता है. अगर योजना तय समय पर लागू होती है, तो दिल्ली ड्रोन तकनीक, रोजगार और आधुनिक सरकारी सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मॉडल पेश कर सकती है.

यह भी पढ़ें :- Delhi Laxmi Yojana: दिल्ली लक्ष्मी योजना, हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता, जानिए कौन उठा सकेगा लाभ और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य राज्य खबरें