States News
दिल्ली में 300 घरों पर चला बुलडोजर, 15 लाख मकानों पर खतरा, जानें किस ज़ोन में आपका इलाका
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, June 25, 2026
Last Updated On: Thursday, June 25, 2026
दिल्ली में यमुना बाजार के 300 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है. ‘ओ-ज़ोन’ में आने वाली कई कॉलोनियों के लाखों मकान जोखिम में बताए जा रहे हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो गया है कि आपका घर दिल्ली के किस जोन में आता है और मास्टर प्लान में उसकी क्या स्थिति है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, June 25, 2026
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के यमुना बाजार क्षेत्र में शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई ने राजधानी के लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है. प्रशासन की ओर से लगभग 300 मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. यह कार्रवाई उन इलाकों में हो रही है जो यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र यानी ‘ओ जोन’ में आते हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद संबंधित एजेंसियां अतिक्रमण हटाने के अभियान में जुटी हैं. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कहीं उनका घर भी किसी ऐसे क्षेत्र में तो नहीं आता जहां भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है.
आखिर क्या है ओ जोन और क्यों है विवाद?
दिल्ली मास्टर प्लान के तहत यमुना नदी और उसके आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को ‘ओ जोन’ के रूप में चिन्हित किया गया है. यह इलाका पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य बाढ़ के खतरे को बढ़ा सकता है और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है.
बताया जा रहा है कि इस जोन में दर्जनों कॉलोनियां मौजूद हैं और यहां बड़ी संख्या में लोग वर्षों से रह रहे हैं. प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हजारों परिवारों के सामने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
दिल्ली को कैसे बांटा गया है अलग-अलग जोनों में?
राजधानी दिल्ली के सुनियोजित विकास के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पूरे शहर को 15 अलग-अलग जोनों में विभाजित किया है. इन जोनों को अंग्रेजी अक्षरों A से P तक नाम दिया गया है, हालांकि इसमें I जोन शामिल नहीं है. प्रत्येक जोन की अपनी अलग विकास योजना और भूमि उपयोग नीति होती है.
पुराने दिल्ली क्षेत्र वाले जोन
जोन A: इस जोन में पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक इलाके शामिल हैं. चांदनी चौक, जामा मस्जिद, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और सदर बाजार जैसे क्षेत्र इसी श्रेणी में आते हैं. यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक पहचान और व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है.
जोन B: यह क्षेत्र पुरानी दिल्ली के विस्तार के रूप में विकसित हुआ है. करोल बाग, पटेल नगर, आनंद पर्वत और सराय रोहिल्ला जैसे इलाके इसमें शामिल हैं. यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों का अच्छा मिश्रण देखने को मिलता है.
जोन C: उत्तर दिल्ली के कई प्रमुख क्षेत्र जैसे मॉडल टाउन, कमला नगर, सिविल लाइंस, अशोक विहार और दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉर्थ कैंपस इसी जोन में आते हैं.
दिल्ली का प्रशासनिक और वीआईपी क्षेत्र
जोन D: यह दिल्ली का सबसे प्रतिष्ठित क्षेत्र माना जाता है. कनॉट प्लेस, चाणक्यपुरी, लोधी रोड, खान मार्केट और लुटियंस दिल्ली इसी जोन का हिस्सा हैं. यहां कई सरकारी कार्यालय और विदेशी दूतावास भी स्थित हैं.
जोन E: यमुना नदी के पार बसे इलाकों को इस जोन में रखा गया है. शाहदरा, लक्ष्मी नगर, मयूर विहार, आनंद विहार और प्रीत विहार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र इसमें शामिल हैं.
दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के प्रमुख जोन
जोन F: साकेत, वसंत कुंज, हौज खास, ग्रीन पार्क, ग्रेटर कैलाश और नेहरू प्लेस जैसे विकसित इलाके इस जोन का हिस्सा हैं. यह दक्षिण दिल्ली के सबसे आधुनिक क्षेत्रों में गिना जाता है.
जोन G: राजौरी गार्डन, जनकपुरी, पंजाबी बाग, विकासपुरी और उत्तम नगर जैसे इलाके यहां आते हैं. यह पश्चिमी दिल्ली का प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक केंद्र है.
जोन H: रोहिणी फेज-1 और 2, पीतमपुरा, शालीमार बाग और सरस्वती विहार जैसे विकसित क्षेत्र इसी जोन में शामिल हैं.
बाहरी दिल्ली और नई विकसित हो रही सब-सिटीज
जोन J में महरौली, छतरपुर, घिटोरनी और सैनिक फार्म जैसे इलाके आते हैं. वहीं जोन K में द्वारका, नजफगढ़, पालम और एयरपोर्ट क्षेत्र शामिल हैं. जोन L हरियाणा सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करता है.
इसके अलावा जोन M, N और P में रोहिणी, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, बवाना, कंझावला, अलीपुर, नरेला और बुराड़ी जैसे बड़े इलाके शामिल हैं, जहां तेजी से शहरी विकास हो रहा है.
अपने घर का जोन कैसे जानें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका घर किस जोन में आता है, तो DDA के मास्टर प्लान और आधिकारिक नक्शों की मदद ले सकते हैं. स्थानीय नगर निगम कार्यालय या संबंधित विकास प्राधिकरण से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह जानकारी?
यमुना किनारे चल रही कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में भूमि उपयोग और मास्टर प्लान के नियमों का पालन कितना जरूरी है. अपने क्षेत्र के जोन की जानकारी होने से लोग भविष्य की विकास योजनाओं, निर्माण नियमों और संभावित प्रशासनिक कार्रवाइयों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं. यही कारण है कि आज दिल्ली के हर नागरिक के लिए अपने इलाके के जोन की जानकारी रखना पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है.
यह भी पढ़ें :- राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT रिपोर्ट से खुलासे, ट्रस्ट व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर उठे सवाल














