JPSC-JSSC विवाद पर रांची में बवाल, छात्रों का विधानसभा मार्च, बाबूलाल मरांडी हिरासत में, बीजेपी ने मांगी CBI जांच
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, August 10, 2026
Updated On: Monday, August 10, 2026
रांची में JPSC-JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. विधानसभा मार्च के बीच बीजेपी ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू हिरासत में लिए गए. बीजेपी CBI जांच की मांग कर रही है, जबकि सरकार ने अधिकांश मांगों पर सहमति का दावा किया है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, August 10, 2026
JPSC JSSC Controversy: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया. परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी मांगों के समाधान को लेकर बड़ी संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा के पास जमा हुए. इसके बाद छात्रों ने नई विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया. आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच अब राजनीतिक दल भी खुलकर छात्रों के समर्थन में सामने आने लगे हैं.
विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था. मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ छात्र बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे. इसके बाद मौके पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई. छात्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए और जिन मामलों में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उनकी पारदर्शी जांच की जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री आवास के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन
छात्रों के आंदोलन के बीच बीजेपी ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना दिया. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू समेत पार्टी के कई नेता भी प्रदर्शन में मौजूद रहे. बीजेपी ने JPSC, JSSC और CGL से जुड़े मामलों की जांच CBI से कराने की मांग उठाई.
धरने के दौरान पुलिस ने बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू और अन्य बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद मरांडी ने सरकार पर छात्रों के मुद्दे को टालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि छात्र लगातार विरोध कर रहे हैं और सरकार को परीक्षा से जुड़े सभी मामलों की जांच निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए.
भूख हड़ताल को लेकर भी उठे सवाल
मरांडी ने दावा किया कि कई छात्र करीब 14-15 दिनों से स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनके मुताबिक, छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से मामले का स्थायी समाधान नहीं किया गया है. इसी वजह से छात्रों ने विधानसभा तक मार्च का रास्ता चुना.
सरकार का दावा, ज्यादातर मांगों पर बनी सहमति
दूसरी तरफ JMM सांसद महुआ माजी ने आंदोलन को लेकर अलग तस्वीर पेश की. उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य के मंत्रियों के बीच हाल में हुई बैठक में 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई थी. उनके मुताबिक, बैठक के बाद छात्रों और सरकार दोनों की तरफ से इसे स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई थी.
महुआ माजी ने कहा कि अब विवाद का एक प्रमुख हिस्सा उस परीक्षा के परिणाम से जुड़ा है, जिसे अदालत के आदेश के बाद जारी किया गया था. उनके अनुसार, इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर कई अभ्यर्थियों को नौकरी भी मिल चुकी है. ऐसे में अदालत के आदेश के बिना सरकार के लिए परिणाम रद्द करना संभव नहीं है.
छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बना
रांची में फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन और राजनीतिक विरोध दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. एक तरफ छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाब मांग रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी CBI जांच की मांग के साथ सरकार पर दबाव बना रही है. सरकार की ओर से बातचीत और कानूनी स्थिति का हवाला दिया जा रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों की मांगों और सरकार के रुख के बीच समाधान का रास्ता कैसे निकलता है.
यह भी पढ़ें :- अनशन, छापेमारी और पूछताछ… JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।
[newsletter_form]













