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सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर भी जेल से क्यों नहीं बाहर आएंगे अरविंद केजरीवाल
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, July 12, 2024
Last Updated On: Friday, July 12, 2024
शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के मुख्यमंत्री तिहाड़ जेल में बंद हैं। आज सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। लेकिन, वो अभी जेल से बाहर नहीं आ सकते। ईडी के केस में जमानत मिली है। अभी तो सीबीआई ने भी केस करके गिरफ्तार किया हुआ है। आखिर क्या है पूरा मामला ?
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, July 12, 2024
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी बेंच को भेज दिया है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘जीवन के अधिकार का सवाल है और चूंकि मामला बड़ी बेंच को भेजा गया है, हम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हैं !!’
यह फैसला केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है, लेकिन मामला अभी भी बड़ी बेंच के सामने लंबित है। यह देखना बाकी है कि बड़ी बेंच इस पर क्या निर्णय लेगी और इसके आगे की कानूनी प्रक्रियाएँ किस दिशा में जाएँगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) को अंतरिम जमानत दिए जाने पर उनके वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने आज अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी है और धारा 19 और गिरफ्तारी की आवश्यकता के मुद्दे को एक बड़ी बेंच को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल हिरासत में ही रहेंगे क्योंकि सीबीआई मामले में उनकी जमानत अभी भी लंबित है।”
अब आगे क्या ?
इससे पहले हाईकोर्ट ने मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए कहा था कि इसमें कोई अवैधता नहीं है और जांच में उनके शामिल होने से बार-बार इनकार करने के बाद ईडी के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में दिल्ली में कथित आबकारी नीति घोटाले (Excise Policy Scam) से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को बड़ी पीठ के पास भेज दिया है।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 17 मई को केजरीवाल की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अब यह मामला बड़ी पीठ के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जो इस पर विस्तृत रूप से विचार करेगी और निर्णय लेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बड़ी पीठ इस मामले में क्या फैसला करती है और आगे की कानूनी प्रक्रियाएँ किस दिशा में बढ़ती हैं।













