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पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड की मार, मैदानी इलाकों में शीत लहर
पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड की मार, मैदानी इलाकों में शीत लहर
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, December 20, 2024
Updated On: Friday, January 17, 2025
पहाड़ी वादियों में ठंड ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, और शीत लहर का प्रकोप अब मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान माइनस में पहुंच चुका है, जिससे जीवन कठिन हो गया है। कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और शुष्क ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
Authored By: सतीश झा
Updated On: Friday, January 17, 2025
डल झील जैसे जलाशयों के किनारे बर्फ में तब्दील हो चुके हैं, और सुबह के समय सड़कों पर कोहरे और पाले की वजह से फिसलन का खतरा बना हुआ है। शीत लहर के कारण लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आते हैं। मैदानी इलाकों में भी शीत लहर का असर तेज हो रहा है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का अनुमान जताया है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। शुष्क मौसम और गिरते तापमान ने लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने पर मजबूर कर दिया है। बारिश की कमी के कारण फसलों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कश्मीर घाटी के अधिकांश इलाकों में शीत लहर
जम्मू-कश्मीर में ठंड का प्रकोप चरम पर है। कश्मीर घाटी के अधिकांश इलाकों में तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे शीत लहर और भी तेज हो गई है। बढ़ती ठंड के कारण लोग कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
डल झील समेत कई जलाशयों के किनारे जम चुके हैं। सुबह के समय सड़कों पर कोहरे की परत जमने से फिसलन का खतरा बढ़ गया है। जम्मू संभाग भी शीत लहर और घने कोहरे की चपेट में है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कोहरा छा रहा है। शुक्रवार को जम्मू संभाग में सुबह से कोहरा छाया रहा। लोग अपने सिर और चेहरे को ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं। हल्की धूप के बावजूद सर्द हवाओं के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुष्क और ठंडे मौसम के कारण बीमारियां फैल रही हैं, और बारिश न होने के कारण फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
हिमाचल के आठ शहरों में पारा माइनस में पहुंचा
हिमाचल प्रदेश में भी शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। मनाली समेत राज्य के आठ शहरों में न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।
राजधानी शिमला में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 23 से 26 दिसंबर के बीच ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है। 27 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
मौसम विभाग शिमला ने 21-23 दिसंबर के लिए शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट और 24-26 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटों में हिमाचल के औसत न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
लाहौल-स्पीति का ताबो -11.3 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। किन्नौर जिले के कल्पा में -3.5 डिग्री, मनाली में -1.1 डिग्री, भुंतर में -1 डिग्री, और शिमला में 2.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
बढ़ती ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, और आगामी बारिश व बर्फबारी से ठंड के और बढ़ने की संभावना है।
(हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)