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ममता के राज में ऑपरेशन थियेटर में मनाई जाती थीं रंगरेलिया, सीबीआई जांच में हो रहे हैं नए-नए खुलासे
ममता के राज में ऑपरेशन थियेटर में मनाई जाती थीं रंगरेलिया, सीबीआई जांच में हो रहे हैं नए-नए खुलासे
Authored By: सतीश झा
Published On: Tuesday, September 24, 2024
Updated On: Tuesday, September 24, 2024
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के राज में ऑपरेशन थियेटर में रंगरेलियों का आयोजन करने के मामले में सीबीआई (CBI) जांच में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ अस्पतालों में चिकित्सकों और स्टाफ के बीच की आपसी सांठगांठ की पुष्टि हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गंभीर अनियमितताएं की जा रही थीं।
Authored By: सतीश झा
Updated On: Tuesday, September 24, 2024
आरजी कर अस्पताल (RG Kar Hospital) में हुई रेप और हत्या के मामले में रोज ही नए नए खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई (CBI) ने इस मामले में कई चिकित्सा कर्मचारियों से पूछताछ की है और ऑपरेशन थियेटर से जुड़े दस्तावेजों को खंगालने का कार्य शुरू किया है। जांच में पता चला है कि कुछ चिकित्सक और प्रबंधन ने धन की लालच में आकर मरीजों की जान को खतरे में डालने वाले कृत्य किए हैं।
सीबीआई का कहना है कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा है, और वे इसे पूरी गंभीरता से देख रहे हैं। ममता सरकार के इस मामले में आए खुलासे राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर रहे हैं।
खूब होती रही हैं पार्टियां
सीबीआई की जांच के बाद यह shocking खुलासा हुआ है कि RG KAR अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में रंगीन पार्टियों का आयोजन किया जाता था। जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन थियेटर (OT) के गेट बंद कर वहां मुर्गा-दारू की पार्टियाँ होती थीं, जिसमें अस्पताल के प्रशिक्षु डॉक्टरों को बुलाया जाता था।
विशेष रूप से, कई महिला प्रशिक्षु डॉक्टरों पर भी इन पार्टियों में शामिल होने के लिए दबाव डाला जाता था। यह गंभीर आरोप इस बात को उजागर करते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर किस तरह की अनियमितताएं हो रही थीं और मरीजों के जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य किए जा रहे थे।
पीड़िता के हाथ लग गए थे सबूत
पीड़िता के पास डॉक्टरों की इस काली करतूत के पक्के सबूत थे। ऐसा कहा जा रहा है कि पीड़िता ने डॉक्टरों ने ऑपरेशन थियेटर (OT) में रंगरेलियां मनाते डॉक्टरों का वीडियो अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया था। पीड़िता ने ओटी में हो रही इन करतूतों पर कड़ा ऐतराज जताया था। पीड़िता ने साफ तौर पर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और उसके साथ पार्टी करने वाले डॉक्टरों को इन गतिविधियों को बंद करने की चेतावनी दी थी।
पीड़िता और संदीप घोष (Sandeep Ghosh) के बीच हुआ था विवाद
पीड़िता और संदीप घोष के बीच विवाद की स्थिति तब उत्पन्न हुई जब पीड़िता ने संदीप घोष और अन्य डॉक्टरों को उनकी अनुचित गतिविधियों के बारे में चेतावनी दी थी। उसने कहा था कि वह इस मामले की शिकायत उचित मंच पर करेगी। इस पर संदीप घोष ने उसे किसी से भी इस बारे में न बताने के लिए कहा और धमकी दी कि यदि उसने ऐसा किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यह मामला न केवल अस्पताल के आचार-व्यवहार को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे एक प्रशिक्षु डॉक्टर को अपनी आवाज उठाने के लिए दबाव में रखा जा रहा था। पीड़िता की हिम्मत और संदीप घोष की धमकी के बीच यह संघर्ष यह स्पष्ट करता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुशासन और नैतिकता के मानकों को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। सीबीआई जांच में इस विवाद की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस मुद्दे की सही जानकारी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।