आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर ने क्यों शुरू किया अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Monday, October 7, 2024

rg kar medical college doctors on hunger strike
rg kar medical college doctors on hunger strike

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स अपनी मांगों के पूरा नहीं होने पर फिर से आंदोलन कर रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार अब इन प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की चर्चा करने को तैयार नहीं है। इस पर आज से प्रदर्शनकारी डॉक्टरों में से 6 डॉक्टरों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Monday, October 7, 2024

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) बलात्कार और हत्या मामले का अभी तक कोई स्थायी हल नहीं निकल पाया है। मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर (Juniors Doctors) का आंदोलन अभी भी जारी है। आज से प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स में से 6 डॉक्टरों ने आमरण अनशन की घोषणा कर दी है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि हमारी सुरक्षा और संरक्षा जब तक सुनिश्चित नहीं होती, यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगा।

24 घंटे का अल्टीमेटम

प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee Government) को 4 अक्टूबर को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। डॉक्टरों ने कहा था कि हमारी मांगों को 24 घंटे के अंदर पूरा किया जाए। लेकिन ममता सरकार इन डॉक्टरों की मांग को पूरा नहीं की। इसलिए 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद कल देर रात डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने के निर्णय लिया है। आज से 6 जूनियर डॉक्टर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट को भी दी जानकारी

प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर परिचय पांडा ने बताया कि रेप के बाद हत्या मामले की जल्द जांच पूरी कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग हमारी है। लेकिन अभी प्रदेश सरकार से हमने यही मांग की है कि जो डॉक्टर्स अस्पतालों में कार्य कर रहे हैं उनकी सुरक्षा और संरक्षा में सुधार किया जाए। पिछले आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमारी इन मांगों को मानकर आश्वासन दिया था लेकिन उनका आश्वासन पूरा नहीं हुआ। इसलिए हमें फिर से आंदोलन में आना पड़ा। डॉ. पांडा ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को भी बताया है कि केवल कुछ उपायों को ही लागू किया गया है।
डॉ. पांडा (Dr. Panda) आगे कहते हैं, ‘प्रदेश सरकार चर्चा में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए हमने सरकार को कहा था कि अगर हमारी मांगें 24 घंटे के भीतर पूरी नहीं हुईं तो हम अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

ये भी पढ़े: ममता के राज में ऑपरेशन थियेटर में मनाई जाती थीं रंगरेलिया, सीबीआई जांच में हो रहे हैं नए-नए खुलासे

कुछ डॉक्टर आंदोलन पर तो कुछ काम पर

जूनियर डॉक्टरों ने इस बार अपने आंदोलन की रणनीति बदली है। पिछली बार सरकार इसलिए इन पर हमलावर थी कि डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मरीजों को दिक्कत हो रही थी। लेकिन इस बार कुछ डॉक्टर प्रदर्शन स्थल पर रहेंगे और अन्य सभी डॉक्टर काम पर रहेंगे। ड्यूटी खत्म होने के बाद डॉक्टर प्रदर्शन स्थल पर आ सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

जूनियर डॉक्टरों ने अपनी बात सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने भी रखी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने, शौचालयों के निर्माण और बायोमेट्रिक सिस्टम के संबंध में क्या प्रगति हुई है, इस पर सवाल किया। इसका जवाब पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने दिया। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने इन कार्यों की धीमी प्रगति पर सवाल उठाया। इस पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि 15 अक्टूबर तक काम पूरा हो जाएगा।

गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
Leave A Comment

अन्य राज्य खबरें