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असम-गुजरात के बाद ओडिशा पर बाढ़ की मार, पहाड़ों में भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें, कई राज्यों में अलर्ट
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, July 29, 2026
Last Updated On: Wednesday, July 29, 2026
देश के कई राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का संकट गहरा गया है. ओडिशा में एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है, जबकि असम में हालात गंभीर बने हैं. हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन से सड़कें बंद हैं और राहत-बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, July 29, 2026
Odisha Flood News: देशभर में लगातार हो रही भारी बारिश अब राहत नहीं, बल्कि बड़ी चुनौती बनती जा रही है. पहले असम और गुजरात में बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त किया, अब ओडिशा भी इसकी चपेट में आ गया है. कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन ने हालात और गंभीर बना दिए हैं, जबकि दिल्ली सहित कई राज्यों में बारिश के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है.
ओडिशा में बढ़ा खतरा, बड़े पैमाने पर राहत अभियान
ओडिशा के उत्तर-पूर्वी जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ा है. प्रशासन के अनुसार, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं, जबकि क्योंझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. राहत और बचाव के लिए ओड्राफ (ODRAF), एनडीआरएफ (NDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार मैदान में डटी हुई हैं. राज्य सरकार ने हालात पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष तैनाती की है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन, सूखा राशन और शिशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है. कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान एहतियातन बंद कर दिए गए हैं.
असम में अब भी गंभीर हालात, राहत कार्य जारी
असम में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है. राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो चुकी है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, सात जिलों के 622 गांवों में लगभग 3.32 लाख लोग अब भी प्रभावित हैं. चराईदेव सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है. राहत और बचाव के लिए 81 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सेना, भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें लगातार राहत अभियान चला रही हैं.
हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन, यात्रा और यातायात प्रभावित
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है. हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भूस्खलन के कारण कई वाहन और मकान मलबे में दब गए, जबकि राज्यभर में 108 सड़कें बंद हो गई हैं. मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. दूसरी ओर उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है. प्रशासन लगातार संवेदनशील मार्गों की निगरानी कर रहा है.
दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही. राजधानी में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जुलाई के पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा दिन रहा. नोएडा में तेज बारिश के दौरान डिवाइडर गिरने से एक बाइक सवार घायल हो गया. वहीं पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में भी जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है.
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