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भारत-अमेरिका के बीच नए सैन्य समझौते में क्या है खास? जानें सबकुछ
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Thursday, November 20, 2025
Last Updated On: Thursday, November 20, 2025
भारत और अमेरिका के बीच हुई नई सैन्य डील ने भारत की जमीनी युद्ध क्षमता को नई ऊंचाई देने का रास्ता खोल दिया है. अमेरिका ने जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड्स की बिक्री को मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल कीमत 47.1 मिलियन डॉलर आंकी गई है. इस समझौते के बाद भारत अपनी सेना की मारक क्षमता, सटीकता और रणनीतिक ताकत को और बढ़ाने की तैयारी में है.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Thursday, November 20, 2025
India US New Defense: भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार नई मजबूती हासिल कर रहा है और इसी कड़ी में एक अहम सैन्य समझौता सामने आया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को अत्याधुनिक FGM-148 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम और M982A1 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल की बिक्री को मंजूरी दे दी है. डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इस डील की कीमत करीब 47.1 मिलियन डॉलर है, जिसमें 100 जेवलिन मिसाइलें, 25 कमांड लॉन्च यूनिट्स, ट्रेनिंग एड्स, सिमुलेशन राउंड्स और फुल लाइफसाइकल सपोर्ट शामिल है.
यह सौदा न सिर्फ भारत की जमीनी युद्ध क्षमता को और तेज करेगा, बल्कि टैंकों और बख़्तरबंद वाहनों के खिलाफ भारतीय सेना को अत्याधुनिक बढ़त भी प्रदान करेगा. एक्सकैलिबर आर्टिलरी राउंड्स के शामिल होने से भारतीय आर्टिलरी की सटीकता और मारक क्षमता में भी बड़ा सुधार होने जा रहा है. यह पूरा समझौता भारत की सामरिक शक्ति को बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
DSCA का बड़ा बयान सामने आया
अमेरिका की ओर से नए हथियार पैकेज की बड़ी जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि इस पैकेज में 100 FGM-148 जेवलिन मिसाइलें, 25 हल्के कमांड लॉन्च यूनिट्स और 216 एक्सकैलिबर आर्टिलरी राउंड्स शामिल हैं.
डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने कांग्रेस को इसकी जानकारी दी है और जरूरी सर्टिफिकेशन भी दे दिया है. भारत ने 100 जेवलिन मिसाइल राउंड्स, 1 जेवलिन फ्लाई-टू-बाय मिसाइल और 25 लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स खरीदने का अनुरोध किया है.
भारत की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी
डीएससीए ने इन हथियारों के ट्रांसफर पर आधिकारिक जानकारी साझा की है. एक बयान में बताया गया कि अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को 47.1 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत पर एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल बेचने की मंजूरी दे दी है.
एजेंसी ने कहा कि भारत को इन हथियारों को अपनी सेना में शामिल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. साथ ही यह भी साफ किया कि इस बिक्री से क्षेत्र का सैन्य संतुलन नहीं बदलेगा.
क्या है जेवलिन मिसाइल सिस्टम?
जेवलिन दुनिया की सबसे एडवांस पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों में से एक है. इसे अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन और RTX ने मिलकर बनाया है. इसे फायर एंड फॉरगेट मिसाइल कहा जाता है. यानी सैनिक को मिसाइल फायर करने के बाद लगातार निशाना साधने की जरूरत नहीं होती. मिसाइल खुद लक्ष्य पहचानती है और वहीं जाकर वार करती है.
भारत के लिए बड़ी रणनीतिक बढ़त
यह डिफेंस डील भारत की सैन्य तैयारी को नई मजबूती देगी. जेवलिन मिसाइलें जमीनी युद्ध में भारत को अहम बढ़त देंगी, खासकर टैंकों और भारी बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ. उधर, एक्सकैलिबर आर्टिलरी राउंड्स से भारतीय सेना की सटीकता और बढ़ेगी. ये राउंड दूर से बेहद सटीक निशाना लगाते हैं, जिससे दुश्मन के ठिकानों पर कम नुकसान के साथ प्रभावी हमला किया जा सकेगा. इन सभी उपकरणों के साथ भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों को मजबूत बना सकेगा.
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