बेहद अहम है एलन मस्क और विवेक रामास्वामी को मिली जिम्मेदारी

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Published On: Monday, November 18, 2024

elon musk and vivek ramaswamy
elon musk and vivek ramaswamy

अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद एलन मस्क और विवेक रामास्वामी को देश में सरकारी कामकाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी देकर दूसरी बार निर्वाचित रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह इस कार्यकाल में कुछ अलग ही करने की चाहत रखते हैं। मस्क के ट्रंप प्रशासन से जुड़ने और राजनीति के मैदान में इनडायरेक्टली आने की अपनी वजहें हैं। मस्क और रामास्वामी अब अमेरिकी प्रशासन को सरल, सुगम व प्रवाहमय बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे...

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Last Updated On: Monday, November 18, 2024

हाइलाइट्स

  • ट्रंप ने मस्क और रामास्वामी को डिपार्टमेंट आफ गवर्नमेंट इफिशिएंसी की जिम्मेदारी दे दी है।
  • इन नियुक्तियों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में ग्लोबल पालिटिक्स और डिप्लोमैसी और जियोपालिटिक्स में बहुत रोचक स्थिति रहने वाली है।

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)…अमेरिका के नए प्रेसीडेंट। इस बार चुनाव जीतने के बाद एक अलग ही अंदाज में काम कर रहे हैं। एक के बाद एक अपनी सरकार में अहम पदों के लिए काबिल व्यक्तियों को नामित कर रहे हैं। माइकल वाल्ज को एनएसए बनाने और मार्को रूबियो को कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी देकर ट्रंप ने जो शुरुआत की थी, अब वह एलन मस्क (Elon Musk) और विवेक रामास्वामी (Vivek Ramaswamy) के रूप में मजबूत हो रही है। वाल्ज और रूबियो की एंटी चाइना एप्रोच से पूरी दुनिया परिचित है। कई मौकों पर यह सामने चुकी है। अब मस्क और रामास्वामी को देश में सरकारी कामकाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी देकर ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह इस कार्यकाल में कुछ अलग ही करने की चाहत रखते हैं।

अब जरा बात मस्क और रामास्वामी की। इस चुनाव से पहले टेक्नोसैवी इनोवेटर एलन मस्क की राजनीति में दिलचस्पी जैसी कहानी कभी बहुत मजबूत तरीके से सामने नहीं आई, लेकिन इस बार ट्रंप के चुनाव में जिस तरह से मस्क जुटे, डटे वह पूरी दुनिया में देखा। वोटिंग वाले दिन मतदान के बाद वह अपने प्राइवेट जेट से ट्रंप के निजी ठिकाने पर पहुंचे। लाखों डालर का दान दिया। जमकर प्रचार में जुटे। जाहिर है कि अमेरिका ने देखा, समझा और शायद कइयों ने ट्रंप का समर्थन भी मस्क के जुड़ाव की वजह से किया। तभी से यह कयास लगने लगे थे कि मस्क कुछ और ही सोच रहे हैं। जब ट्रंप जीते तब तो यह कयास और मजबूती से सामने आए और अब जब ट्रंप ने मस्क को डिपार्टमेंट आफ गवर्नमेंट इफिशिएंसी की जिम्मेदारी दे दी है तो ये कयास सच्चाई में बदल गए।

मस्क के ट्रंप प्रशासन से जुड़ने और राजनीति के मैदान में इनडायरेक्टली आने की अपनी वजहें हैं। उनकी अतिमहत्वाकांक्षी टेस्ला, स्पेसएक्स और स्टारलिंक जैसी कंपनियों के कामों में अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कई तरह की रुकावटें आ रही थीं। वह इनोवेटर जिसे पूरी दुनिया में एक अलग ही स्तर पर रखा जाता है, वह अपने ही देश में बाबूशाही में फंस सा रहा था। बस यहीं से मस्क ने दूसरा रास्ता अपनाया और आज उसी विभाग की जिम्मेदारी पा गए हैं जो बाबूशाही के रवैये को सुधारेगा।

अब बात विवेक रामास्वामी की। हेज फंड मैनेजर रहे विवेक गणपित रामास्वामी का भारत से नाता है। कुछ समय पहले तक वह प्रेसीडेंट इलेक्शन लड़ने की तैयारी कर रहे थे। सही समर्थन नहीं मिला तो मैदान में नहीं उतरे, लेकिन बहुत दिन तक शांत नहीं बैठे। अब वह न सिर्फ मैदान में हैं, बल्कि पूरी ताकत के साथ हैं। हेज फंड मैनेज करने के बाद विवेक ने एक बायोटेक कंपनी रोएवांट साइंसेज खोली।

फोर्ब्स के अनुसार उनकी संपत्ति 960 मिलियन डालर है और आय का मुख्य जरिया बायोटेक कंपनी के साथ इनवेस्टमेंट बिजनेस है। मस्क के साथ वह भी अमेरिकी प्रशासन को सरल, सुगम व प्रवाहमय बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। ट्रंप को भी इन दोनों पर काफी भरोसा है। ट्रंप ने डिपार्टमेंट आफ गवर्नमेंट इफिशिएंसी को अमेरिकी इतिहास का अहम हिस्सा बताया है। समझ सकते हैं कि ट्रंप कहां तक सोच रहे हैं। अमेरिका को फिर से एक ताकत बनाने में जुटे ट्रंप की इन नियुक्तियों से साफ है कि आने वाले समय में ग्लोबल पालिटिक्स और डिप्लोमैसी और जियोपालिटिक्स में बहुत रोचक स्थिति रहने वाली है। खैर, ट्रंप तो ट्रंप हैं। जो करेंगे…अपने ही अंदाज में करेंगे।

अरुण श्रीवास्तव पिछले करीब 34 वर्ष से हिंदी पत्रकारिता की मुख्य धारा में सक्रिय हैं। लगभग 20 वर्ष तक देश के नंबर वन हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण में फीचर संपादक के पद पर कार्य करने का अनुभव। इस दौरान जागरण के फीचर को जीवंत (Live) बनाने में प्रमुख योगदान दिया। दैनिक जागरण में करीब 15 वर्ष तक अनवरत करियर काउंसलर का कॉलम प्रकाशित। इसके तहत 30,000 से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन। दैनिक जागरण से पहले सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल (हिंदी), चाणक्य सिविल सर्विसेज टुडे और कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यू के संपादक रहे। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, करियर, मोटिवेशनल विषयों पर लेखन में रुचि। 1000 से अधिक आलेख प्रकाशित।
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