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भारत-रूस शिखर सम्मेलन (India-Russia Summit) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिला रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Wednesday, July 10, 2024
Last Updated On: Wednesday, July 10, 2024
भारत-रूस शिखर बैठक में आतंकवाद, रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सहित कई क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Wednesday, July 10, 2024
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दो दिवसीय रूस यात्रा सम्पन्न हो गया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। शिखर बैठक में आतंकवाद, रूस-उक्रेन युद्ध सहित कई क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया।
मोदी (Modi) को सर्वोच्च नागरिक सम्मान
भारत के लिए इस बार का भारत-रूस शिखर बैठक कई मायनों में अहम माना जा रहा है। साथ ही इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को आज (9 जुलाई को) मॉस्को में रूस का सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया गया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद उन्हें इस सम्मान से सम्मानित किया। इसकी घोषणा वर्ष 2019 में ही हुई थी। लेकिन पांच साल बाद प्रधानमंत्री मोदी के रूस यात्रा के दौरान यह दिया गया। रूस में यह सम्मान सबसे बेहतर काम करने वाले नागरिक या फिर सेना से जुड़े लोगों को दिया जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1698 में जार पीटर ने की थी।
शिखर बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति आज शिखर बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में कई अंतर्राष्ट्रीय, क्षेत्रीय एवं घरेलू मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आतंकवाद, ऊर्जा, रूस-उक्रेन युद्ध, सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक मित्र के नाते मैंने हमेशा कहा है कि किसी जंग से शांति का रास्ता नहीं निकलता है। हथियारों के बीच शांति संभव नहीं होती है। इसलिए समाधान के लिए वार्ता जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत-रूस संबंध (India-Russia Relations) और मजबूत होंगे। हमारी मित्रता एक-दो साल या एक-दशकों का नहीं है। बल्कि बेहद प्राचीन है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कहा कि मैं आपको और वैश्विक समुदाय को विश्वास दिलाता हूं कि भारत शांति के पक्ष में है। दुनिया को पिछले पांच वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पहले कोविड-19 फिर विभिन्न संघर्षों की चुनौती आई।
आतंकवाद पर मोदी
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने शिखर बैठक में आतंकवाद पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा कि ने कहा कि जब मास्को में आतंकवादी घटनाएं हुईं, जब दागिस्तान में आतंकवादी घटनाएं हुईं, उसका दर्द कितना गहरा होगा, उस दर्द को मैं और पूरा भारत महसूस कर सकता है। मैं सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता हूं। भारत पिछले 40-50 सालों से आतंकवाद की चुनौतियों का सामना कर रहा है। आतंकवाद पर पूरा विश्व को एक मत होना होगा।
पुतिन ने क्या कहा?
मोदी के उक्रेन युद्ध मुद्दे पर पुतिन ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इसके लिए उनका आभार जताता हूं। उन्होंने कहा, भारत और रूस के संबंध अच्छे हैं। भारत ने आतंकवाद को झेला है। हमने भी झेला है। हम दोनों मिलकर इस चुनौतियों से निपटेंगे। इसके साथ ही पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिन (8-9 जुलाई) में करीब 26 घंटे रूस में रहे। 8 जुलाई को पुतिन ने मोदी के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया था। इसके अलावा दोनों नेता करीब 4 बैठकें की। राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी गोल्फ कोर्ट में भी घूमें। इस दौरान दोनों नेताओं ने लंच भी एक साथ लिया। मोदी वर्ष 2019 के बाद रूस आए थे। 9 जुलाई को रूस यात्रा समाप्त कर प्रधानमंत्री मोदी आस्ट्रिया के विएना के लिए रवाना हो गए हैं।













