पुतिन की एटम बम वाली धमकी के मायने

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Published On: Saturday, September 28, 2024

russian president vladimir putin
russian president vladimir putin

यूक्रेन के साथ फरवरी 2022 से चल रहे युद्ध के बीच अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर परमाणु हमले की धमकी दी है। इस धमकी के गहरे निहितार्थ हैं, क्योंकि यह केवल यूक्रेन के खिलाफ ही नहीं है, बल्कि पुतिन ने यह भी कह दिया है कि जो देश यूक्रेन का साथ दे रहे हैं, उनके खिलाफ भी रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। वर्तमान हालात में क्या हैं इस धमकी के मायने, आइए जानते हैं...

Authored By: अरुण श्रीवास्तव

Last Updated On: Saturday, September 28, 2024

हाइलाइट्स

  • रूस के पास दुनिया में सबसे अधिक 5500 से अधिक परमाणु हथियार हैं।
  • अमेरिका के पास 5400 से कुछ अधिक परमाणु हथियार हैं। ब्रिटेन के पास 290 और फ्रांस के पास 220 से कुछ अधिक।
  • यदि रूस की धमकी सही साबित होती है तो इन्हीं चारों के बीच परमाणु युद्ध का खतरा अधिक होगा।
  • चीन के पास करीब 300 और भारत के पास 160 परमाणु हथियार हैं। पाकिस्तान के पास यह संख्या 165 है।

तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) की आशंका को लेकर बीच-बीच में खबरें आती रहती हैं। तनाव के बीच दुनिया अपनी गति से चलती रहती है, लेकिन हालिया समय थोड़ा अलग सा दिख रहा है। दुनिया के दो हिस्सों में युद्ध की विभीषिका बढ़ती ही जा रही है। यूरोप के मुहाने और एशिया से ठीक बाहर रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine War) में युद्ध चल रहा है तो मिडिल ईस्ट में इजरायल-फिलस्तीन संघर्ष के बीच अब लेबनान की एंट्री हो चुकी है। इजरायल बीते कई दिनों से लेबनान पर भीषण हमले कर रहा है, सैकड़ों की जान जा रही है। इसी बीच एक नई खबर ने पूरी दुनिया को फिर से सोचने पर विवश कर दिया है। यह खबर है रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) की पूरी दुनिया को परमाणु युद्ध (Nuclear War) की धमकी। यूं तो पुतिन ने पहली बार परमाणु युद्ध की बात नहीं कही है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है और गंभीर भी। अब युद्ध और परमाणु हमले का खतरा केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है, यह अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन तक पहुंचने लगा है।

पुतिन की धमकी के निहितार्थ

पहले जरा पुतिन (Putin) की धमकी समझिए और फिर पूरी दुनिया के लिए इसके मायने…बुधवार को पुतिन ने रूस के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की और इसी में बयान दिया कि रूस ने अपनी परमाणु हथियार प्रयोग नीति में एक बार फिर बदलाव किया है। अगर यूक्रेन ने अन्य देशों की मदद से, उनके हथियारों के प्रयोग से रूस पर हमला किया तो रूस इसका जवाब परमाणु हथियार से देने को तैयार है।

यूक्रेन के मददगार भी दुश्मन देश

इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि पुतिन ने कहा कि यूक्रेन तो दुश्मन देश है ही, वह जिनकी मदद से रूस पर हमला करेगा, उन्हें भी अब रूस युद्धरत दुश्मन देश की तरह ही मानेगा और उन पर भी हमला करने के लिए तैयार होगा। बस बात यहीं गंभीर हो जाती है। पुतिन की धमकी इस बार इसी संदर्भ में अलग और गंभीर है कि रूस अब यूक्रेन की मदद कर रहे देशों को भी दुश्मन की श्रेणी में रख उन्हें युद्ध में शामिल मानने की तैयारी कर चुका है। 2020 में भी पुतिन के नेतृत्व में रूस ने अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर इन हथियारों के इस्तेमाल की बात की थी, लेकिन इस बार उसने यूक्रेन के सहयोगी देशों को भी निशाने पर रखा है। इस धमकी का सारा सार इसी बात पर है। अगर रूस ने परमाणु हथियार का प्रयोग किया तो फिर अमेरिका, फ्रांस या ब्रिटेन भी क्यों पीछे रहेंगे और पूरी दुनिया एक बड़े खतरे की जद में हो सकती है। हालांकि दुनिया के सामरिक विशेषज्ञ अभी इस तरह की किसी आशंका कम होने की बात कह रहे हैं, लेकिन एक सख्त प्रशासक के तौर पर पुतिन के स्वभाव से भला कौन परिचित नहीं है। पुतिन ने रूस की परमाणु नीति में बदलाव यह किया है कि अब यदि यूक्रेन के गैर परमाणु हमले में सहयोगी देशों के हथियार शामिल हैं तो परमाणु हमला न होने पर भी उनका देश परमाणु हथियार का प्रयोग यूक्रेन समेत उसके सहयोगी देशों पर कर सकता है। पहले नियम था कि दूसरी तरफ से परमाणु हमला होने पर ही रूस परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) का प्रयोग करेगा।

russian president vladimir putin

पुतिन को क्यों देनी पड़ी परमाणु हमले की धमकी

अब समझिए कि आखिर पुतिन ने यह धमकी क्यों दी है। दरअसल यूक्रेन के साथ फरवरी 2022 से रूस का युद्ध चल रहा है, हालांकि इसकी पृष्ठभूमि 2014 से है जब रूस ने यूक्रेन से जुड़े क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। ढाई साल से चल रहे युद्ध में रूस जीत हासिल नहीं कर सका है और उसे खासा नुकसान भी हुआ है। यूक्रेन छोटा देश है और अधिक सामरिक शक्ति संपन्न भी नहीं, लेकिन अमेरिका के नेतृत्व में नाटो देश उसे शुरू से समर्थन देते रहे हैं। अब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलिंस्की रूस के खिलाफ क्रूज मिसाइलों का प्रयोग करना चाहते हैं जो सैकड़ों किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। वह अमेरिका से इसकी अनुमति मांग रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहली बार यूक्रेन ने रूस के भीतरी क्षेत्रों तक मार करने की योजना बनाई है। अभी तक वह रूस के सीमा से सटे क्षेत्रों पर ही हमले कर रहा था। एक घटना ने पुतिन को इस तरह की धमकी की तरफ बढ़ाया है। बीते अगस्त में यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क इलाके में भारी हमला कर कुछ क्षेत्र कब्जा लिए थे। बताया जाता है कि इनमें यूक्रेन ने बड़ी मात्रा में पश्चिमी देशों द्वारा मिले खतरनाक हथियारों का प्रयोग किया था। बस यहीं से पुतिन ने रूस की परमाणु नीति में बदलाव कर विध्वंसक हमले की धमकी की जमीन तैयार कर ली थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स विशेषज्ञों के हवाले से कह रही हैं कि यदि रूस यह करता है तो परमाणु हमला सुदूर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन तक भी पहुंच सकता है। यदि यह हुआ तो तीसरा विश्वयुद्ध अधिक दूर नहीं कहा जा सकता है। बड़े पैमाने पर तबाही होगी।

परमाणु ताकत में रूस है सबसे आगे

अब जरा रूस की परमाणु ताकत भी जान-समझ लीजिए। फेडरेशन आफ अमेरिकन साइंटिस्ट (Federation of American Scientists) की एक रिपोर्ट कहती है कि रूस के पास 5500 से अधिक परमाणु हथियार हैं यानी दुनिया में सबसे अधिक। अमेरिका के पास 5400 से कुछ अधिक परमाणु हथियार हैं। ब्रिटेन के पास 290 और फ्रांस के पास 220 से कुछ अधिक। यदि रूस की धमकी सही साबित होती है तो इन्हीं चारों के बीच परमाणु युद्ध का खतरा अधिक होगा। वैसे अन्य देशों की बात करें तो चीन के पास करीब 300 और भारत के पास 160 परमाणु हथियार हैं। पाकिस्तान के पास यह संख्या 165 है। रूस ने अपने 1710 परमाणु हथियार अलग-अलग स्थानों तैनात कर रखे हैं। परमाणु हथियार इस कदर घातक होते हैं कि सौ टन का एक बम करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसमें वह दो किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर सकता है और बाकी तीन किलोमीटर में भीषण तबाही मचा सकता है। अभी तक दुनिया में एक ही बार परमाणु बम का प्रयोग हुआ है जब द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बम गिराया था। तब इससे करीब डेढ़ लाख लोग मारे गए थे, आज भी इसके निशान वहां दिखते हैं। उम्मीद है कि पुतिन की धमकी सिर्फ धमकी ही रहेगी और दुनिया को दूसरे विश्व युद्ध की तरह परमाणु युद्ध नहीं देखना पड़ेगा।

अरुण श्रीवास्तव पिछले करीब 34 वर्ष से हिंदी पत्रकारिता की मुख्य धारा में सक्रिय हैं। लगभग 20 वर्ष तक देश के नंबर वन हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण में फीचर संपादक के पद पर कार्य करने का अनुभव। इस दौरान जागरण के फीचर को जीवंत (Live) बनाने में प्रमुख योगदान दिया। दैनिक जागरण में करीब 15 वर्ष तक अनवरत करियर काउंसलर का कॉलम प्रकाशित। इसके तहत 30,000 से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन। दैनिक जागरण से पहले सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल (हिंदी), चाणक्य सिविल सर्विसेज टुडे और कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यू के संपादक रहे। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, करियर, मोटिवेशनल विषयों पर लेखन में रुचि। 1000 से अधिक आलेख प्रकाशित।
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