Russia Ukraine War: रूस-अमेरिका के बीच शांति समझौते पर कहां अटकी बात

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Wednesday, December 3, 2025

Last Updated On: Wednesday, December 3, 2025

Russia Ukraine War: रूस-अमेरिका शांति समझौते में अटकन, दोनों देशों के रुख और संभावित असर पर रिपोर्ट.
Russia Ukraine War: रूस-अमेरिका शांति समझौते में अटकन, दोनों देशों के रुख और संभावित असर पर रिपोर्ट.

मॉस्को में शांति समझौते पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी दूत के बीच बातचीत बेनतीजा रही. यह बातचीत देर रात करीब पांच घंटे तक चली। लेकिन बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर कोई समझौता नहीं हो सका.

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Wednesday, December 3, 2025

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच करीब चार सालों से चल रहा युद्ध अभी और लंबा खींच सकता है. मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के टॉप दूतों के बीच क्रेमलिन मीटिंग में युद्ध खत्म करने के लिए संभावित शांति समझौते पर कोई सहमति नहीं बन पाई. यह बैठक पांच घंटे तक चली। इस बैठक में राष्ट्रपति पुतिन खुद देर रात तक शामिल रहे. लेकिन वे किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके.

मास्को आने से पहले ट्रंप के दूत संभावित शांति समझौते पर फ्लोरिडा में भी एक बैठक कर चुके हैं. यह बैठक यूक्रेन डेलीगेशन के साथ हुई थी. उस यूक्रेनी डेलीगेशन का नेतृत्व नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी रुस्तम उमरोव ने किया था.

ट्रंप दूत विटकॉफ और कुशनर (Witkoff and Kushner)

दोनों देशों से संशोधित शांति समझौते पर बातचीत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दो सबसे विश्वसनीय व्यक्ति को काम सौंपा है। ये ट्रंप के खास दूत हैं. इनमें एक हैं, स्टीव विटकॉफ और दूसरे हैं, उनके दामाद जेरेड कुशनर. विटकॉफ़, एक अरबपति अमेरिकी रियल एस्टेट डेवलपर हैं. यह ट्रंप को 1980 के दशक से जानते हैं। वहीं कुशनेर, ट्रंप की बेटी इवांका के पति हैं.

इन्हीं दोनों ने फ्लोरिडा में यूक्रेनी डेलीगेशन से भी बातचीत की थी. और अब, मॉस्को में इन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात की। बैठक में पुतिन के साथ उनके टॉप फॉरेन पॉलिसी असिस्टेंट सहित कुछ चुनिंदा मंत्री थे.

कहां अटकी बात

संशोधित शांति समझौते के ड्राफ्ट में कुछ ऐसे पॉइंट्स हैं, जिसे रूस मानने को तैयार नहीं है. मसलन, दोनों के बीच ‘टेरिटोरियल प्रॉब्लम’ पर चर्चा हुई. इसमें विवाद का सबसे बड़ा केंद्र डोनबास क्षेत्र है. रूस पूरे डोनबास को अपना मानता है. युद्ध के दौरान रूस ने इस पर कब्जा भी कर लिया है। जबकि डोनबास के कम से कम 5,000 स्क्वायर किमी (1,900 स्क्वायर मील) क्षेत्र पर यूक्रेन का कंट्रोल है. यूरोपीय देश भी डोनबास को यूक्रेन का हिस्सा मानते हैं. यूक्रेन, रूसी कंट्रोल में गए डोनबास क्षेत्र को वापस चाहता है.

क्यों महत्वपूर्ण है, डोनबास (Donbas)

डोनबास यूक्रेन का सबसे बड़ा क्षेत्र है. यहां दुनिया का सबसे अधिक कोयला भंडार है. इसके अलावा इस क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का भी भंडार है. यह भारी उद्योग का भी केंद्र है. डोनबास, यूक्रेन का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है. इसलिए डोनबास से कोई अपना नियंत्रण खोना नहीं चाहता है.

नहीं हुआ कोई समझौता

बैठक के बाद राष्ट्रपति पुतिन के टॉप फॉरेन पॉलिसी असिस्टेंट यूरी उशाकोव ने कहा, ‘बैठक में अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. हमारे राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका से आए ड्राफ्ट के कुछ प्रपोजल्स पर असहमति जताई है. इसलिए उन सब पर अभी भी बहुत काम किया जाना है। हालांकि बातचीत सार्थक रही.’

उन्होंने आगे बताया कि कुछ अमेरिकी ड्राफ़्ट प्रपोज़ल कमोबेश ठीक हैं, लेकिन उन पर भी अभी और बात करने की ज़रूरत है. कुछ प्रपोजल्स हमारे लिए सही नहीं हैं. इसलिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुतिन और ट्रंप के बीच मीटिंग का अभी कोई प्लान नहीं है.

मीटिंग पर ट्रंप (Trump) ने क्या कहा?

मॉस्को में हुई मीटिंग के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमारे लोग अभी रूस में हैं. वे युद्ध का हाल ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है, हम इसका हाल निकाल सकते हैं. जबकि वहां आसान स्थिति नहीं है. ट्रंप ने ने आगे यह भी कहा कि युद्ध में हर महीने 25,000 से 30,000 लोग मारे जा रहे थे.

यूक्रेन की प्रतिक्रिया (Ukraine’s response)

इस बैठक पर यूक्रेन की भी प्रतिक्रिया आई है. डबलिन में यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि सब कुछ मॉस्को में होने वाली बातचीत पर निर्भर है। यह ज़रूरी है कि सब कुछ सही हो और खुला रखें, ताकि यूक्रेन की पीठ पीछे कोई खेल न हो. समाधान आसान नहीं होगा.
वहीं इस पर बात करते हुए यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि पुतिन की बातों से लगता है, वह युद्ध खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं.’

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गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
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