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दुबई एयर शो में तबाही, हवा में करतब दिखाता तेजस अचानक जमीन पर धड़ाम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, November 21, 2025
Last Updated On: Friday, November 21, 2025
दुबई एयर शो 2025 में वो पल किसी फिल्मी दृश्य जैसा था- रोमांच, तालियां और आसमान में तेजस की चमक. लेकिन कुछ ही सेकंड में नज़ारा बदल गया और जो उड़ान ताकत दिखाने वाली थी, वो हादसे में बदल गई. भारतीय स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस डेमो फ्लाइट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई. यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली थी, बल्कि कई सवाल छोड़ गई.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, November 21, 2025
Tejas Crash Dubai Airshow: दुबई एयर शो 2025 का माहौल 17 नवंबर को जहां उत्साह, तकनीक और भविष्य की उड़ानों से भरपूर था, वहीं उस क्षण सभी के दिलों की धड़कनें थम गईं, जब भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस अचानक हवा से जमीन पर आ गिरा. हजारों दर्शकों के सामने चल रहा यह शानदार हवाई प्रदर्शन, चंद सेकंड में एक डरावनी दुर्घटना में बदल गया. जो प्रदर्शन तकनीकी क्षमता और भारत की सामरिक ताकत का प्रतीक बनने वाला था, वही घटना अब सवालों और शोक का विषय बन गई है.
हादसा कैसे हुआ?
लोकल समय के अनुसार दोपहर करीब 2:10 बजे, तेजस विमान आसमान में तेज़ गति से करतब दिखा रहा था. दर्शक हर मोड़ पर तालियां बजा रहे थे, तभी विमान ने अचानक नियंत्रण खो दिया. हवा में घूमते हुए, उसकी दिशा नीचे की तरफ झुकने लगी. कुछ ही सेकंड में वह तेज़ रफ्तार से जमीन पर जा टकराया, और धमाके के साथ आग और काले धुएं का गोला ऊपर उठ गया.
घटना स्थल अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास था, जहां सुरक्षा दल तुरंत हरकत में आया, लेकिन नुकसान हो चुका था. हादसे में मौजूद पायलट की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि घटना के कुछ ही समय बाद कर दी गई.
भारतीय वायुसेना की प्रतिक्रिया
भारतीय वायुसेना ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है. IAF की ओर से जारी बयान में कहा गया:“हम अपने बहादुर पायलट की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं. इस कठिन समय में पूरा वायुसेना परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है.”
वायुसेना ने तत्काल कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित करने की घोषणा की है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मौसम, निर्णय या किसी बाहरी कारण की वजह से हुई.
तेजस: भारत की तकनीकी पहचान
तेजस सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. इसे HAL (Hindustan Aeronautics Limited) ने विकसित किया है और यह 4.5 जेनरेशन का सुपरसोनिक हल्का लड़ाकू विमान माना जाता है. इसकी खासियतें हैं:
- बेहद हल्का ढांचा
- अत्याधुनिक एवियोनिक्स
- हवा में लंबे समय तक उड़ान की क्षमता
- हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियार
यह विमान दुश्मन रडार से बचने की क्षमता और तेज़ प्रतिक्रियाशील डिजाइन के लिए जाना जाता है. लेकिन यह पहला हादसा नहीं है- तेजस 2024 में जैसलमेर में भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, हालांकि तब पायलट सुरक्षित बच गया था.
कब-कब क्रैश हो चुका है तेजस विमान?
भारतीय वायुसेना का तेजस विमान दुबई के पहले अब तक बस एक और बार क्रैश हुआ है. साल 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में तेजस क्रैश हुआ था. इस हादसे के पीछे इंजन फेल होने की वजह बताई गई. अच्छी बात ये रही थी कि दुर्घटना के दौरान पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए.
दुबई एयर शो: जहां दुनिया की नज़रें टिकी थीं
दुबई एयर शो आज दुनिया का सबसे बड़ा एयरोस्पेस मंच बन चुका है. 1986 में एक छोटे नागरिक विमान मेला के रूप में शुरुआत हुई थी, लेकिन आज यहां दुनिया की शीर्ष सेनाएं, निर्माता कंपनियां और रक्षा विशेषज्ञ अपने विमान, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और भविष्य की युद्ध तकनीकें प्रदर्शित करते हैं.
2025 के आयोजन में:
- 1500 से अधिक प्रदर्शक
- 200+ आधुनिक विमान
- 115 देशों की भागीदारी
- 12 अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस सम्मेलन शामिल थे
यहां बड़ी रक्षा डील्स भी होती हैं, इसलिए यह सिर्फ शो नहीं, बल्कि ग्लोबल रक्षा रणनीतियों का भविष्य तय करने वाला मंच है.
निष्कर्ष
तेजस का यह हादसा बेहद दुखद है. एक कौशलपूर्ण प्रदर्शन जो गर्व दिलाने वाला था, वह अचानक शोक और सन्नाटे में बदल गया. लेकिन इस घटना ने यह भी याद दिलाया है- तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत क्यों न हो, जोखिम हमेशा साथ रहता है.
दुबई एयर शो का यह अध्याय इतिहास में दर्ज रहेगा- जहां एक उड़ान ने आसमान में कमान नहीं, बल्कि धरती पर अपनी अंतिम छाप छोड़ी.
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