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Thailand-Cambodia War: ट्रंप के दावों के बावजूद थाई-कंबोडिया संघर्ष क्यों नहीं रुक रहा
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Saturday, December 13, 2025
Last Updated On: Saturday, December 13, 2025
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर पिछले पांच दिनों से युद्ध चल रहा है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं. दोनों देश न पीछे हटने को तैयार और है न ही संघर्ष रोकने को तैयार है. यह सब तब हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दोनों देशों में सीजरफायर करवाने के लगातार दावे कर रहे हैं.
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Saturday, December 13, 2025
Thailand-Cambodia War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के सीजफायर कराने के दावे एक बार फिर गलत साबित हुए हैं. पिछले कई दिनों से थाईलैंड और कंबोडिया सीमा पर हालात सामान्य नहीं हैं. दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव लगातार बना हुआ है. दोनों देश एक-दूसरे पर हमलों व अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं.
आज (13 दिसंबर) सुबह भी दोनों देशों के सीमा क्षेत्र से संघर्ष की खबरें सामने आ रही है. इससे साफ हो गया कि जमीन पर स्थिति अभी नियंत्रण में नहीं आई है.
कंबोडिया (Cambodia) ने जारी किया बयान
कंबोडिया के सूचना मंत्रालय (Cambodian Ministry of Information) ने आज बयान जारी कर कहा कि थाई सैनिकों ने सीमा पार हमले रोकने के संकेत नहीं दिए हैं. विवादित इलाकों में थाई सैनिक अभी भी बमबारी कर रहे हैं. थाई वायुसेना के फाइटर जेट्स का भी इस्तेमाल कर रहा है.
कंबोडिया का आरोप है, ‘यह कार्रवाई सीजफायर (Ceasefire) के दावों से पूर्णतः उलट है. इससे सीमा पर रह रहे नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है. सूचना मंत्रालय के मुताबिक सीमा पर स्थिति लगातार बिगड़ रही है.
आत्मरक्षा में सीमा पर कार्रवाई: थाईलैंड
थाईलैंड ने कंबोडिया के इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. थाई सेना का कहना है कि असल में अंतरराष्ट्रीय मानवीय नियमों का उल्लंघन कंबोडिया की ओर से किया गया है. थाई सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, कंबोडियाई बलों ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाया है और सीमा के पास बारूदी सुरंगें बिछाई हैं. इससे आम लोगों और सैनिकों दोनों की जान को खतरा है. उनका दावा है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में है.
थाई प्रधानमंत्री (Thailand PM) ने क्या कहा?
सीमा पर जारी बमबारी के बीच थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा, ‘मौजूदा स्थिति कोई सामान्य घटना नहीं. हमारे देश और नागरिकों पर खतरा पैदा किया गया है. हम तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे, जब तक देश की जमीन और नागरिकों पर मंडरा रहा खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता.’ उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हालिया सैन्य कदमों से यह स्पष्ट हो जाता है कि थाईलैंड अपने हितों की रक्षा के लिए किसी तरह का समझौता नहीं करेगा.
ट्रंप का दावा (Trump’s claim)
थाईलैंड और कंबोडिया (Thailand And Cambodia) के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी संघर्ष तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने में अहम भूमिका निभाई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कल (12 दिसंबर) देर रात भी कहा कि उन्होंने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत से फोन पर बात की.
बातचीत में दोनों देश 12 दिसंबर से ही सभी तरह की गोलीबारी रोकने पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक बताया. साथ ही कहा कि इसका मकसद लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर हालिया तनाव को कम करना था.
ट्रुथ पर ट्रंप ने किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया था कि दोनों नेताओं ने तुरंत सभी तरह की फायरिंग रोकने और उस शांति समझौते पर लौटने पर सहमति जताई है, जिसे पहले अमेरिका की भूमिका और मलेशिया के प्रधानमंत्री की मध्यस्थता से तैयार किया गया था. ट्रंप के मुताबिक यह फैसला ऐसे समय लिया गया, जब हाल के दिनों में हुए घातक संघर्षों के चलते हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. इस महीने की शुरुआत में मलेशिया की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के टूटने का खतरा पैदा हो गया था।
ट्रंप (Trump) के दावे की पुष्टि नहीं
ट्रंप के इस दावे की थाईलैंड और कंबोडिया में से किसी ने पुष्टि नहीं की है. संघर्षरत दोनों देशों में से किसी ने भी औपचारिक सीजफायर समझौते की पुष्टि नहीं की. थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई सीजफायर नहीं हुआ है. ट्रंप के दावे पर थाईलैंड के स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने वहां की सरकार से सवाल किया. इस पर थाई विदेश मंत्रालय ने पत्रकारों को प्रधानमंत्री के इसी बयान दोहराया. इससे साफ हो गया कि वॉशिंगटन और बैंकॉक के बयानों में बड़ा अंतर है.
हम शांति चाहते हैं: कंबोडिया
कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने आज 13 दिसंबर को फेसबुक पर जारी एक पोस्ट में इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने ट्रंप के साथ हुई बातचीत और इससे पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई चर्चा का भी जिक्र किया. हुन ने कहा कि कंबोडिया अब भी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है. हम बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के पक्ष में है.
उन्होंने अपने पोस्ट में यह फिर से दोहराया कि कंबोडिया अक्टूबर में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में हुए समझौते के तहत ही इस सीमा विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है.
फिलहाल, जमीन पर कोई शांति नहीं है. हालात भी संकेत नहीं दे रहे हैं कि कोई ठोस सीजफायर लागू हुआ है. दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और बयानबाजी के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई भी जारी है. ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच बढ़ता अंतर वहां के सीमा विवाद को और जटिल बना रहा है.
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