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PM Modi’s visit to Ukraine: मोदी की यूक्रेन यात्रा पर क्यों है दुनिया के देशों की पैनी नजर
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Tuesday, August 20, 2024
Last Updated On: Tuesday, August 20, 2024
आजादी के बाद अब तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री यूक्रेन का दौरा नहीं किया है। इसके अलावा लंबे समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच प्रधानमंत्री मोदी की यह आधिकारिक यात्रा बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Tuesday, August 20, 2024
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इसी सप्ताहांत (23 अगस्त) यूक्रेन की यात्रा पर जाने वाले हैं। कुछ समय पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़लेंस्की (President of Ukraine Volodymyr Zelensky) ने भारतीय प्रधानमंत्री को अपने देश आने का न्यौता दिया था। जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया था। आजादी के बाद अब तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री यूक्रेन का दौरा नहीं किया है। इसके अलावा लंबे समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच प्रधानमंत्री मोदी की यह आधिकारिक यात्रा बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन रूस में घुसकर हमला कर रहा है। इसके मद्देनजर भी मोदी की इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर है।
युद्ध के खिलाफ है, भारत
भारत पहले दिन से ही दोनों देशों (रूस और यूक्रेन) से युद्ध रोकने का आग्रह कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मंच से भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों को कहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। अपनी समस्याओं को दोनों देश बैठ कर सुलझाएं। वहीं इस बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से भी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत बुद्ध का देश है। बुद्ध कभी युद्ध नहीं चाहते थे। इसलिए भारत कभी भी युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। हालांकि यह भी सही है कि युद्ध शुरू करने वाले रूस की भारत ने कभी आलोचना नहीं की है। इसका सबसे बड़ा कारण है, ‘रूस का भारत के साथ सबसे मजबूत और विश्वनीय संबंध होना है।’
मोदी(Modi) की ऐतिहासिक यात्रा

प्रधानमंत्री की यूक्रेन यात्रा की पुष्टि विदेश मंत्रालय के सचिव तन्मय लाल ने की। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जलेंसकी ने अपने देश आने का निमंत्रण दिया था। प्रधानमंत्री ने उनके निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था। उसी निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री का यह बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक यात्रा होने वाला है। इसलिए कि भारत-यूक्रेन के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष से अधिक होने में, यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा। हालांकि तन्मय लाल ने दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच किन-किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी जानकारी नहीं दी।
विशेषज्ञों ने यात्रा पर सावधानी बरतने को कहा
भारत के कई अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री को इस यात्रा में बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है। रक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामले के जानकार ब्रह्म चेलानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘मोदी की 23 अगस्त की कीव (यूक्रेन की राजधानी) यात्रा गलत समय पर हो रही है। अभी तक उनकी यात्रा के उद्देश्यों को भी स्पष्ट नहीं किया गया है। जिस तरह से पिछले दिनों यूक्रेन ने रूस में घुसपैठ कर हमला किया है, उसने युद्ध विराम के प्रयासों को प्रभावित कर दिया है। इसलिए बढ़ते युद्ध तनाव के बीच यात्रा में सावधानी बरतने की जरूरत है।’
रूस-यूक्रेन(Russia–Ukraine) दोनों को मोदी से उम्मीद
दोनों देशों के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है। पहले जहां यूक्रेन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। वहीं अब रूस का नुकसान भी बढ़ता जा रहा है। युद्ध के शुरुआती समय में जिस तरह भारत की कूटनीति से वहां फंसे हजारों भारतीय छात्रों को युद्ध रोककर निकाला गया, उससे दोनों देशों को उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री युद्ध रोकने के लिए दोनों देश के नेताओं को मना सकते हैं। इसलिए दुनिया के देश इस यात्रा पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।













