Trump Tariff: ईरान युद्ध के बाद ट्रंप का नया सख्त रुख, यूरोपीय देशों को 100% टैरिफ की चेतावनी

Authored By: Nishant Singh

Published On: Saturday, June 27, 2026

Last Updated On: Saturday, June 27, 2026

Trump Tariff. Donald Trump warns European countries of 100% tariff after Iran war.
Trump Tariff. Donald Trump warns European countries of 100% tariff after Iran war.

Trump Tariff: ईरान युद्ध के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों को 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि जो देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाएंगे, उनके उत्पादों पर कड़ा आयात शुल्क लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार तनाव और बढ़ सकता है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Saturday, June 27, 2026

Trump Tariff: ईरान के साथ तनाव कम होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना ध्यान एक बार फिर वैश्विक व्यापार पर केंद्रित कर दिया है. इस बार उनके निशाने पर यूरोपीय देश हैं. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाएगा, तो अमेरिका उस देश से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू कर देगा. इस बयान के बाद अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की मुख्य वजह

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि कई यूरोपीय देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी कर रहे हैं और कुछ देश इसे लागू करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका बिना किसी देरी के उन देशों से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगा देगा. ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी कंपनियों पर इस तरह का टैक्स लगाना उनके कारोबार के साथ भेदभाव करने जैसा है.

व्यापार समझौते भी हो सकते हैं बेअसर

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई देश डिजिटल टैक्स लागू करता है, तो अमेरिका उसके साथ हुए किसी भी व्यापार समझौते को महत्व नहीं देगा. चाहे वह समझौता पहले से लागू हो, उस पर हस्ताक्षर हो चुके हों या प्रक्रिया में हो, सभी पर इसका असर पड़ सकता है. इसका मतलब यह है कि पहले से तय व्यापारिक रियायतें भी खत्म हो सकती हैं. इससे अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

यूरोपीय संघ पर बढ़ा दबाव

हाल ही में ट्रंप ने यूरोपीय संघ को अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क कम करने के लिए 4 जुलाई तक का समय दिया था. इसके बाद यूरोपीय देशों ने अपनी रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. हालांकि ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि यदि तय समय तक आवश्यक बदलाव नहीं किए गए, तो यूरोप से आने वाले सामान पर 25 प्रतिशत टैरिफ दोबारा लगाया जा सकता है. इससे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों में तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

फ्रांस ने झुकने से किया इनकार

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश अमेरिकी दबाव में आकर डिजिटल सर्विस टैक्स खत्म नहीं करेगा. फ्रांस में वर्ष 2019 से बड़ी डिजिटल कंपनियों की आय पर 3 प्रतिशत टैक्स लगाया जा रहा है. यह टैक्स उन कंपनियों पर लागू होता है, जिनका फ्रांस में राजस्व 25 मिलियन यूरो से अधिक और वैश्विक स्तर पर 750 मिलियन यूरो से ज्यादा है. पिछले वर्ष फ्रांस में इस टैक्स को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी सामने आया था.

फ्रांसीसी उत्पादों पर भी दी चेतावनी

ट्रंप ने पहले भी फ्रांस को चेतावनी दी थी कि यदि उसने डिजिटल टैक्स नहीं हटाया, तो अमेरिका फ्रांस से आने वाली शराब और अन्य उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के लिए मजबूर होगा. उनका कहना है कि अमेरिकी कंपनियों के साथ किसी भी तरह का असमान व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा. इस बयान ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर

यदि अमेरिका वास्तव में 100 प्रतिशत टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर केवल यूरोप तक सीमित नहीं रहेगा. इससे वैश्विक व्यापार, आयात-निर्यात, निवेश और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कारोबार पर भी प्रभाव पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसलों से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है और कई देशों के आर्थिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें :- भारत दौरे पर आएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका ने किया बड़ा ऐलान, व्यापार समझौते पर भी तेज हुई तैयारी

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य खबरें