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क्या खुल जाएगा होर्मुज का रास्ता? ओमान के साथ डील के आखिरी दौर में ईरान
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, August 6, 2026
Last Updated On: Thursday, August 6, 2026
ईरान ने दावा किया है कि ओमान के साथ नए समुद्री मार्ग पर बातचीत अंतिम चरण में है. हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. ट्रांजिट शुल्क, अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और क्षेत्रीय तनाव के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार पर अनिश्चितता अब भी बरकरार है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, August 6, 2026
Hormuz Strait Deal: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर सुर्खियों में है. ईरान ने दावा किया है कि ओमान के साथ नए समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. दोनों देशों के बीच भौगोलिक सीमांकन पर सहमति बन गई है और जल्द ही इस दिशा में औपचारिक कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए है, इससे क्षेत्र में पूरी तरह शांति या सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती. समझौते की तकनीकी और संचालन संबंधी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
अमेरिका पर आरोप, सुरक्षा को लेकर चिंता बरकरार
ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की सबसे बड़ी वजह अब भी अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और प्रतिबंध हैं. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां और आर्थिक प्रतिबंध समुद्री व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं. यही कारण है कि नए समुद्री मार्ग पर सहमति बनने के बावजूद ईरान इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान रहा. दूसरी ओर, अमेरिका और ओमान की तरफ से अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्रीय राजनीतिक तनाव कम नहीं होगा, तब तक किसी भी नए समुद्री मार्ग से स्थायी समाधान की उम्मीद करना मुश्किल होगा.
क्यों पूरी दुनिया की नजर होर्मुज पर रहती है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम रास्ता माना जाता है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (LNG) का व्यापार इसी मार्ग से होता है. यही वजह है कि यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार को सीधे प्रभावित करता है. फरवरी में अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी थी. बाद में युद्धविराम के बाद रास्ता खोला गया, लेकिन जुलाई में बढ़े तनाव के चलते एक बार फिर आवाजाही प्रभावित हुई. इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
ट्रांजिट शुल्क बना सबसे बड़ा विवाद
नए समुद्री मार्ग पर बातचीत आगे बढ़ने के बावजूद कई मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है. सबसे बड़ा विवाद ट्रांजिट शुल्क को लेकर है. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान चाहता है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाज अपने माल के मूल्य का 5 से 7 प्रतिशत शुल्क दें, जबकि ओमान लगभग 3 प्रतिशत शुल्क के पक्ष में है. वहीं अमेरिका किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस का विरोध कर रहा है. ईरान के उप विदेश मंत्री के मुताबिक प्रस्तावित समुद्री मार्ग शुरुआती तौर पर दो से चार महीने के लिए अस्थायी रूप से लागू किया जा सकता है. ऐसे में यह समझौता समुद्री व्यापार को राहत जरूर दे सकता है, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति और महाशक्तियों के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज का संकट अभी पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा.
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