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PoK Protest: अब पूरे पाकिस्तान तक पहुंचेगा आंदोलन? हिंसा के बीच JAAC का बड़ा ऐलान, 3 दिन में 40 मौतों का दावा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 30, 2026
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शन अब पूरे पाकिस्तान तक फैलाने की तैयारी है. JAAC ने बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. संगठन ने कई मौतों और संचार सेवाएं बंद होने के दावे किए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब नया मोड़ ले लिया है. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आंदोलन को केवल PoK तक सीमित रखने के बजाय पूरे पाकिस्तान में फैलाने का आह्वान किया है. संगठन का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के अधिकारों और बेहतर जीवन के लिए लड़ी जा रही है. हालांकि, आंदोलन के दौरान हुई मौतों और हिंसा से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
पूरे पाकिस्तान से समर्थन की अपील
JAAC के कोर कमेटी सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने लोगों से पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ समेत विभिन्न क्षेत्रों में इस आंदोलन के समर्थन की अपील की है. उनके अनुसार, नागरिकों को मतदान, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और बुनियादी सुविधाओं का अधिकार मिलना चाहिए. उनका आरोप है कि PoK में लोगों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है.
मौतों और हिंसा को लेकर बड़े दावे
संगठन के एक अन्य नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया है कि पिछले तीन दिनों में करीब 40 लोगों की मौत हुई है, जबकि बीते लगभग 53 दिनों में मृतकों की संख्या 100 के करीब पहुंच चुकी है. उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग घायल हुए. हालांकि, इन आंकड़ों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है.
इंटरनेट बंद, सूचना पर भी सवाल
JAAC का आरोप है कि प्रदर्शन प्रभावित इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं. संगठन का कहना है कि संचार सेवाएं बाधित होने के कारण हालात की वास्तविक जानकारी बाहर नहीं पहुंच पा रही है. इसी वजह से घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि करना भी मुश्किल हो गया है. पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
अस्थायी विराम के बाद फिर तेज होगा आंदोलन
JAAC नेताओं का कहना है कि इस्लामाबाद के डी-चौक पर जारी धरना पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. उनके अनुसार, लॉन्ग मार्च को केवल अस्थायी रूप से रोका गया है ताकि मृतकों का अंतिम संस्कार और घायलों का इलाज कराया जा सके. संगठन ने संकेत दिए हैं कि इसके बाद आंदोलन पहले से बड़े स्तर पर दोबारा शुरू किया जाएगा.
स्थिति पर बनी हुई है नजर
PoK में बढ़ते विरोध और तनाव ने एक बार फिर क्षेत्र की स्थिति को सुर्खियों में ला दिया है. यदि आंदोलन वास्तव में पाकिस्तान के अन्य हिस्सों तक फैलता है, तो इसका असर देश की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, आंदोलन से जुड़े कई दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं, इसलिए हालात पर आगे की आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.
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