States News
लखनऊ में ‘अली… बजरंग बली…’ के पोस्टर से मची खलबली
Authored By: सतीश झा
Published On: Monday, November 11, 2024
Last Updated On: Monday, November 11, 2024
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पोस्टर वार ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब इसमें 'अली' और 'बजरंग बली' का भी जिक्र किया जा रहा है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय के बाहर लगाए गए एक बड़े होर्डिंग में 'अली' और 'बजरंग बली' के नाम का उल्लेख कर राजनीति में हलचल पैदा कर दी गई है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Monday, November 11, 2024
इस नारे के जरिए समाजवादी पार्टी ने अपने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की एकजुटता को दर्शाने की कोशिश की है। इसमें ‘अली’ और ‘बजरंग बली’ का जिक्र कर पार्टी ने सांप्रदायिक सौहार्द्र का संदेश देने की कोशिश की है, जिसे देखकर विपक्षी दलों में खलबली मच गई है।
सपा के प्रवक्ता अभिषेक बाजपेई (Abhishek Bajpai) द्वारा लगवाई गई इस होर्डिंग में लिखा है, “PDA की होगी जीत – एकता की होगी जीत। अली भी है, बजरंगबली भी और संग PDA के एकता की टोली भी।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सपा का यह कदम आने वाले चुनावों में सभी समुदायों को एक साथ लाने और एकता के संदेश को प्रचारित करने की रणनीति हो सकती है। सपा के इस पोस्टर से विरोधी दलों में उथल-पुथल मची है, जो इस संदेश के जरिए समाजवादी पार्टी (SP) के पीडीए गठबंधन को लेकर सतर्क हो गए हैं।
भाजपा नेताओं ने इस होर्डिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिकरण बताया है। उनका आरोप है कि सपा धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल कर चुनावी माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं, सपा का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एकता और भाईचारे का संदेश देना है।
लखनऊ में लगे इस होर्डिंग से राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है, और चुनावों के मद्देनजर इस तरह के पोस्टर पॉलिटिक्स का असर देखने को मिल सकता है।












