Special Coverage
क्या दो जून को जेल जाने से बच जाएंगे केजरीवाल
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Tuesday, May 28, 2024
Last Updated On: Thursday, June 27, 2024
मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका पर उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने जल्द सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। खंडपीठ ने इनकी याचिका मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ को आगे के निर्देश के लिए भेज दिया गया है।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Thursday, June 27, 2024
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत 1 जून को खत्म होगा। जेल जाने से बचने के लिए केजरीवाल ने जमानत को 7 दिन बढ़ाने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल किया था। अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए केजरीवाल ने अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। इनकी याचिका को खंडपीठ ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ को आगे के निर्देश के लिए भेज दिया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई आबकारी नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी हैं। उन्हें पूछताछ के लिए ईडी ने कई समन भेजे लेकिन वे कभी ईडी के सामने पेश नहीं हुए। अंततः नौवें समन के बाद 21 मार्च को ईडी ने उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। करीब दो महीने बाद उच्चतम न्यायालय ने 10 मई को उन्हें चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दे दी। उच्चतम न्यायलय की न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने 21 दिन अंतरिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि 2 जून को उन्हें जेल जाना होगा। 2 जून को जेल जाने से बचने के लिए ही इन्होंने स्वास्थ्य जांच के कारण अंतरिम जमानत की अवधि एक सप्ताह और बढ़ाने की याचिका दी है। केजरीवाल ने दाखिल अर्जी में डॉक्टर की सलाह संलग्न करते हुए कहा है कि हिरासत के दौरान उनका छह-सात किलो वजन कम हुआ है। जमानत पर बाहर आने के बाद भी वजन नहीं बढ़ा है। साथ ही उनका किटोन लेवल भी बढ़ा हुआ है।
अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा है कि हिरासत के दौरान उनका छह-सात किलो वजन घट गया है। इसके अलावा उन्हें चक्कर आते हैं। जल्द थकान होना और धड़कन तेज रहता है। जमानत के बाद कराए गए जांच रिपोर्ट में उनका शुगर लेबल भी बढ़ा हुआ है। किटोन और शुगर बढ़ने के साथ किडनी को नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने अपनी अपनी याचिका में यह भी लिखा है कि उन्हें उच्चतम न्यायालय ने 21 दिन की अंतरिम जमानत दी है। इस दौरान चुनाव प्रचार के लिए देश भर में दौरा करना पड़ा है। अगला कुछ दिन पंजाब में समय निर्धारित है। इसलिए सेहत की चिंताजनक स्थिति होने के बावजूद वह घर पर ही मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक को दिखाया है। वरिष्ठ डॉक्टर ने ही उन्हें फुल बाडी टेस्ट कराने की सलाह दी है। याचिका में उन्होंने पेट-सीटी (पीइटी-सीटी) स्कैन सहित कई चिकित्सीय जांच कराने का जिक्र किया है। इन जांचों में उन्होंने पांच से सात दिन का समय लगने के बारे में बताया है। इसलिए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि एक सप्ताह बढ़ा दी जाए और 2 जून के बजाए 9 जून को समर्पण करने की उन्हें इजाजत दी जाए।
इनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने वाली याचिका की तत्काल सुनवाई करने से न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने मना कर दिया है। यह केजरीवाल के लिए झटका है हालांकि उनकी याचिका को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा गया है। इस पर तत्काल सुनवाई करनी है या नहीं यह अब मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड करेंगे। यदि एक जून से पहले केजरीवाल की इस याचिका पर सुनवाई नहीं होती है तो उन्हें 2 जून को समर्पण करना होगा।













