93 मतदान केंद्रों के ईवीएम (EVM) की होगी जांच, जानें ईवीएम जांच के क्या हैं नियम

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Friday, June 21, 2024

election commission of india
election commission of india

चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद कुछ उम्मीदवारों ने ईवीएम की जांच की मांग की है। आयोग के मुताबिक अभी तक 8 आवेदन मिले हैं। इनमें भाजपा (BJP), कांग्रेस (Congress), वाईएसआरसीपी (YSRCP), डीएमके (DMK) आदि दलों के उम्मीदवारों के आवेदन शामिल हैं।

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Tuesday, July 9, 2024

इस लेख में:

हाईलाइट:

  • अब तक छह राज्यों से 8 संसदीय सीटों से उम्मीदवारों ने ईवीएम जांच की मांग करने का आवेदन किया है।
  • कुल 93 मतदान केंद्रों के ईवीएम की जांच की मांग की गई है।
  • इनमें महाराष्ट्र के अहमदनगर से भाजपा उम्मीदवार सुजय विखे पाटिल ने 40 मतदान केंद्रों पर ईवीएम की जांच की मांग की है।
  • दूसरे या तीसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार ईवीएम की जांच चाहेंगे तो उन्हें प्रति ईवीएम 40 हजार रुपए और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ धनराशि जमा करनी होगी।
  • यह राशि ईवीएम बनाने वाली कंपनियां बीईएल और ईसीआईएल को दी जाएगी, जो ईवीएम की जांच करेंगी।

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के बाद: नई सरकार, सांसद सत्र और ईवीएम जांच की मांग

अठारहवीं लोकसभा चुनावों के नतीजे 4 जून को घोषित हो गई। शपथ ग्रहण के बाद सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है। 24 जून से सांसद का सत्र शुरू होने को है, जिसमें पहले दो दिन नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे। इन सबके बीच चुनाव आयोग को देश भए से अब तक ईवीएम (EVM) जांच करने की मांग वाली 8 याचिकाएं मिली हैं। अगले कुछ दिनों में आयोग ईवीएम की जांच करवाएगी। एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह जरूरी भी है कि लोगों को निष्पक्ष चुनाव होने की गारंटी मिले।

चुनाव आयोग (Election Commission) कराएगी ईवीएम की जांच

ऐसा नहीं है कि ईवीएम की जांच की मांग सिर्फ विपक्ष के उम्मीदवारों ने की हो। सत्ता पक्ष का नेतृत्व कर रही भाजपा के उम्मीदवारों ने भी इसकी मांग की है। उम्मीदवारों के मन में नतीजों को लेकर यदि थोड़ी भी आशंका है तो चुनाव आयोग उसे दूर करने को तैयार है। नतीजों की घोषणा के बाद अब तक ईवीएम की जांच कराने संबंधी आवेदनों को आयोग ने स्वीकार कर लिया है। आयोग के मुताबिक अभी तक 8 आवेदन मिले हैं। इनमें भाजपा (BJP), कांग्रेस (Congress), वाईएसआरसीपी (YSRCP), डीएमके (DMK) आदि दलों के उम्मीदवारों के आवेदन शामिल हैं।

भाजपा-कांग्रेस (BJP-Conlgress) के उम्मीदवारों जांच की मांग की

ईवीएम की जांच की मांग तीन भाजपा उम्मीदवारों ने भी की है। इनमें महाराष्ट्र के अहमदनगर संसदीय सीट, तमिलनाडु के वेल्लोर और तेलंगाना की जहीराबाद सीटों से भाजपा उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं कांग्रेस के भी तीन उम्मीदवारों ने जांच की मांग की है। कांग्रेस के हरियाणा की करनाल और फरीदाबाद सीट, छत्तीसगढ़ की कांकेर सीट से उम्मीदवारों ने ईवीएम जांच की मांग की है।

विखे पाटिल (Vikhe Patil) ने 40 केंद्रों पर जांच की मांग की

महाराष्ट्र के अहमदनगर से सीट भाजपा के उम्मीदवार सुजय विखे पाटिल ने 40 मतदान केंद्रों पर ईवीएम जांच की मांग की है। अहमदनगर सीट पर एनसीपी (शरदपवार गुट) को जीत मिली है। एनसीपी (NCP) के निलेश लंके ने भाजपा के विखे पाटिल को करीब 29 हजार वोटों से हराया है। उन्हें आशंका है कि ईवीएम में कुछ गड़बड़ी हुई है। अब आयोग उनकी आशंका को दूर करेगी।

वाईएसआरसीपी (YSRCP)और डीएमके (DMK) के उम्मीदवार भी चाहते हैं जांच

भाजपा और कांग्रेस के अलावा वाईएसआरसीपी और डीएमके के उम्मीदवारों ने भी ईवीएम जांच की मांग की है। चुनाव आयोग ने जो बताया है, उसके मुताबिक आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी और तमिलनाडु में डीएमके के उम्मीदवारों ने भी ईवीएम की जांच के लिए आवेदन दिया है। आयोग ने यह भी कहा है कि जांच की मांग को लेकर नियमों के तहत जितने भी आवेदन आएंगे, हम सभी की जांच करेंगे। ताकि उम्मीदवारों के मन में थोड़ी भी शंका ईवीएम या चुनाव को लेकर न रहे।

ईवीएम जांच के क्या हैं नियम (What are the rules for EVM testing?)

चुनाव आयोग ने 1 जून को एसओपी जारी किया था। एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार चुनावी नतीजे में दूसरे या तीसरे स्थान पर आए उम्मीदवारों को यदि ईवीएम को लेकर किसी प्रकार की शंका-आशंका हो तो वे जांच की मांग कर सकते हैं। जांच में आने वाला खर्च मांग करने वाले उम्मीदवार को वहन करना होता है। आयोग के मुताबिक जांच के लिए उम्मीदवारों को प्रति ईवीएम 47,200 रुपए का भुगतान करना होगा। यह रकम ईवीएम बनाने वाली कंपनियां बीईएल (BEL) और ईसीआईएल (ECIL) को दी जाएगी, जो ईवीएम की जांच करेंगी।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का आदेश

ईवीएम पर सुप्रीम कोर्ट ने भी एक आदेश दिया था। कुछ समय पहले ही ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था। 26 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस खन्ना की खंडपीठ ने याचिकाओं में ईवीएम के साथ हेराफेरी करने के आरोपों को निराधार बताया था। याचिका में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जस्टिस खन्ना (Justice Khanna) ने अपने आदेश में यह जरूर कहा था कि वीवीपैट (VVPAT) जांच की मांग यदि उम्मीदवार करते हैं तो उसे कराया जाए। उन्होंने आदेश मे यह भी कहा था कि जांच का खर्चा उम्मीदवारों को देना पड़ेगा। अगर ईवीएम में हेराफेरी पाई गई तो खर्च वापस कर दिया जाएगा।

गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य खबरें