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भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ FTA, व्हिस्की से लेकर लग्जरी कार तक कई प्रोडक्ट होंगे सस्ते
Authored By: Suman
Published On: Friday, July 25, 2025
Last Updated On: Friday, July 25, 2025
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर की मौजूदगी में भारत की तरफ से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन की तरफ से वहां के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते पर दस्तखत किए.
Authored By: Suman
Last Updated On: Friday, July 25, 2025
India and UK FTA: भारत और यूके ने गुरुवार को एक कॉम्प्रीहेंसिव इकनॉमिक ऐंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) पर दस्तखत किए हैं जो एक मुक्त व्यापार समझौता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर की मौजूदगी में भारत की तरफ से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन की तरफ से वहां के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते पर दस्तखत किए. इस समझौते से भारत आने वाले स्कॉच व्हिस्की से लेकर लग्जरी कारें तक सस्ती हो जाएंगी, जबकि भारत के कपड़े, ज्वैलरी और फुटवेयर जैसे तमाम सेक्टर को ब्रिटेन में आसान पहुंच हासिल होगी.
समझौते के तहत भारत से ब्रिटेन को होने वाले 99 फीसदी निर्यात ड्यूटी फ्री हो जाएंगे और ब्रिटेन से आयात होने वाली 90 फीसदी वस्तुओं को भारतीय बाजार में ड्यूटी फ्री पहुंच मिलेगी.
भारत में सस्ते में मिलेंगे ये ब्रिटिश उत्पाद
समझौते के बाद भारत में अब ब्रिटेन से स्कॉच व्हिस्की (Scotch whisky), इलेक्ट्रिक कारें, कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट जैसे उत्पाद सस्ते में आयात होंगे. इसी तरह जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) जैसी लग्जरी कारें भी यहां सस्ते में आयात हो सकेंगी. टैक्स बहुत कम या शून्य होने की वजह से ये उत्पाद भारत में सस्ते में आ सकेंगे.
स्कॉच व्हिस्की पर अभी 150 तक 150 फीसदी तक की इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी, समझौते के बाद यह तत्काल 75 फीसदी हो जाएगी और अगले दस साल में घटकर 40 फीसदी हो जाएगी. इसी तरह ब्रिटेन से आने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर (EVs) पर 110 फीसदी की ड्यूटी लगती थी, अब यह घटकर महज 10 फीसदी हो जाएगी.
ब्रिटेन में बिकेंगे ये भारतीय उत्पाद
समझौते से कई तरह के भारतीय उत्पादों को आसान बाजार पहुंच हासिल होगी. भारत से इंजीनियरिंग वस्तुओं, दवाओं, प्रोसेस्ड फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते-चप्पल, कपड़े व परिधान, जेम्स व ज्वैलरी, झींगा जैसे सी फूड, आदि को ब्रिटेन के बाजारों में बेचा जा सकेगा. इन पर टैक्स बहुत कम या शून्य लगने की वजह से ये वहां आसानी से अपनी जगह बना पाएंगे.
इस समझौते से दोनों देशों के बीच हर साल करीब 34 अरब डॉलर का अतिरिक्त कारोबार होने की उम्मीद है. ब्रिटेन से आने वाले उत्पादों पर औसत आयात कर 15 फीसदी से घटकर 3 फीसदी रह जाएगा. दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को करीब 56 अरब डॉलर से दोगुना करने का लक्ष्य रखा है.
ब्रिटेन में 99 फीसदी भारतीय निर्यात पर शून्य ड्यूटी लगाई जाएगी. भारतीय मशीनरी, ऑटो पार्ट्स आदि को इससे काफी फायदा होगा. भारत से केमिकल व पेट्रो केमिकल और दवाएं भी बड़े पैमाने पर ब्रिटेन में बिक पाएंगी.
इस समझौते से दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर सामान की आवाजाही तो होगी ही भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए भी ब्रिटेन जाना आसान होगा. सीईटीए के साथ-साथ दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं. यह समझौता अगले 3 वर्षों तक करीब 20 फीसदी सामाजिक सुरक्षा अंशदान के दोहरे भुगतान को रोकेगा. इससे ब्रिटेन में काम कर रहे 75,000 प्रोफेशनल्स पेशेवरों को फायदा होगा. भारत ने सरकारी खरीद बाजार तक पहुंच देने की प्रतिबद्धता जताई है.
दोनों देशों द्वारा समझौते की पुष्टि किए जाने के बाद यह समझौता लागू हो जाएगा. भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस समझौते को पहले ही मंजूरी दे दी है, जबकि ब्रिटेन को अपने संसद से मंजूरी लेनी होगी.
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