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ट्रंप के एक बयान से बाजार में मची हलचल, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूबे
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, July 8, 2026
Last Updated On: Wednesday, July 8, 2026
Trump Impact On Stock Market: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सख्त बयान के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई. इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आई. निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, July 8, 2026
Trump Impact On Stock Market: भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा. कारोबार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन आखिरी घंटे में बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली. नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए. इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 9 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई. बाजार में आई इस कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया सख्त बयान माना जा रहा है.
क्या बोले ट्रंप, जिससे बढ़ गई वैश्विक चिंता?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति वार्ता को समय की बर्बादी बताते हुए कहा कि अब किसी नई डील की जरूरत नहीं है. उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह आशंका बढ़ गई कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहरा सकता है. निवेशकों को डर है कि यदि मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते हैं तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बना चिंता की वजह?
दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है. यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होता है, तो कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इसी आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6.75 प्रतिशत बढ़कर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. तेल महंगा होने की संभावना ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी.
भारतीय शेयर बाजार पर कैसा पड़ा असर?
वैश्विक तनाव की खबरों के बीच निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी. इसका असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों पर दिखाई दिया. कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और बाजार का माहौल पूरी तरह नकारात्मक हो गया.
बाजार की प्रमुख तस्वीर
- सेंसेक्स 1,677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ.
- निफ्टी 516 अंक टूटकर 23,882 पर पहुंच गया.
- रिलायंस, HDFC बैंक, TCS और इंडिगो सहित कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे.
- बाजार बंद होने तक निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
निवेशकों की दौलत में भारी गिरावट
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पर पड़ा. एक दिन पहले जहां सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मूल्य लगभग 480.20 लाख करोड़ रुपये था, वहीं गिरावट के बाद यह घटकर करीब 471.13 लाख करोड़ रुपये रह गया. यानी एक ही कारोबारी दिन में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कम हो गई.
बाजार में बढ़ा डर का स्तर
शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के साथ इंडिया VIX भी 15 के स्तर के ऊपर पहुंच गया. यह सूचकांक बाजार में बढ़ते जोखिम और निवेशकों की चिंता का संकेत माना जाता है. इसके साथ ही भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला, जिससे विदेशी निवेश और आयात लागत को लेकर चिंताएं बढ़ गईं.
आगे निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
- अमेरिका और ईरान के बीच आगे की कूटनीतिक गतिविधियां.
- होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति.
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव.
- वैश्विक शेयर बाजारों का रुख.
- विदेशी निवेशकों की खरीद और बिकवाली.
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