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Panchak April 2026: पंचक कब से शुरू? जानें सही समय और इन दिनों में भूलकर भी न करें ये काम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, April 10, 2026
Last Updated On: Friday, April 10, 2026
Panchak April 2026: अप्रैल 2026 में पंचक 13 अप्रैल सुबह 03:44 बजे से शुरू होकर 17 अप्रैल दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा. यह राज पंचक है, जिसे सामान्य से बेहतर माना जाता है. फिर भी इस दौरान कुछ कार्यों से बचना जरूरी है, वरना नुकसान और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, April 10, 2026
Panchak April 2026: अप्रैल 2026 में पंचक की शुरुआत को लेकर लोगों के बीच काफी उलझन बनी हुई है. कई लोग 12 अप्रैल को इसकी शुरुआत मान रहे हैं, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार सही तारीख 13 अप्रैल 2026 है. पंचक का आरंभ सुबह 03 बजकर 44 मिनट से होगा और यह 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगा. यानी पूरे पांच दिन यह काल प्रभावी रहेगा. खास बात यह है कि इस बार पंचक सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जाएगा, जिसे सामान्य पंचक की तुलना में बेहतर माना जाता है.
पंचक का मतलब क्या होता है?
पंचक एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति है, जो हर महीने बनती है. जब चंद्रमा लगातार पांच नक्षत्रों—धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती में प्रवेश करता है, तब पंचक लगता है. इन पांच दिनों को संवेदनशील समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान कुछ काम करने से नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. इसलिए पुराने समय से ही लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती रही है. हालांकि यह पूरी तरह अशुभ नहीं होता, लेकिन कुछ कार्यों में परहेज जरूरी माना गया है.
राज पंचक: थोड़ा अलग और खास
इस बार का पंचक “राज पंचक” है क्योंकि इसकी शुरुआत सोमवार को हो रही है. ज्योतिष के अनुसार राज पंचक को उन्नति, पद और धन लाभ से जोड़ा जाता है. यानी यह समय पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. कई मामलों में यह सकारात्मक परिणाम भी दे सकता है, खासकर करियर और प्रतिष्ठा से जुड़े कामों में. लेकिन इसके बावजूद पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कुछ काम अब भी नहीं करने चाहिए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
इन कामों से बनाएं दूरी, नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी
पंचक के दौरान कुछ कामों को करने से बचना बेहद जरूरी माना गया है.
- लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना: इस समय ऐसा करना आग से जुड़ी घटनाओं का कारण बन सकता है.
- दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है, इससे रास्ते में बाधाएं या दुर्घटना का डर रहता है.
- घर का निर्माण या छत डालना: इस दौरान निर्माण कार्य करने से आर्थिक नुकसान और घर में तनाव की स्थिति बन सकती है.
- पलंग या चारपाई बनवाना: मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों पर संकट आ सकता है.
- अंतिम संस्कार: इसे सबसे महत्वपूर्ण माना गया है और पंचक में इससे बचने की सलाह दी जाती है.
अगर जरूरी हो तो अपनाएं ये उपाय
कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि काम टालना संभव नहीं होता. ऐसे में कुछ उपाय अपनाकर दोष को कम किया जा सकता है. अगर पंचक में अंतिम संस्कार करना पड़े, तो कुश के पांच पुतले बनाकर उनके साथ दाह संस्कार करने की परंपरा है. इसके अलावा किसी भी जरूरी काम से पहले पूजा-पाठ करना, दान देना और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है और मन में शांति बनी रहती है.
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