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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 2026 पर क्या करें दान, कौन सा रंग पहनें और क्यों है यह दिन इतना शुभ
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, April 9, 2026
Last Updated On: Thursday, April 9, 2026
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 2026 का पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. इस दिन दान, पूजा और शुभ कार्यों का विशेष महत्व है. जल, अन्न, वस्त्र और सोना-चांदी का दान पुण्यदायी माना जाता है, जबकि पीला, सफेद और लाल रंग पहनना शुभ फल देता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, April 9, 2026
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र और शुभ त्योहार माना जाता है, जिसे ‘आखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है. ‘अक्षय’ का अर्थ होता है – जिसका कभी नाश न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कर्म, पूजा और दान का फल कभी खत्म नहीं होता, बल्कि जीवनभर सुख-समृद्धि देता है. साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन लोग नए काम की शुरुआत, खरीदारी और धार्मिक कार्य करना बेहद शुभ मानते हैं.
तिथि और शुभ मुहूर्त का महत्व
अक्षय तृतीया की तिथि 18 अप्रैल 2026 की शाम 05:31 बजे से शुरू होकर 19 अप्रैल 2026 की दोपहर 02:12 बजे तक रहेगी. इस पूरे समय को शुभ माना जाता है, लेकिन सुबह के समय पूजा और दान करना विशेष फलदायी होता है. मान्यता है कि इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं, क्योंकि पूरा दिन ही शुभता से भरा होता है.
अक्षय तृतीया की कथा और धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का जन्म हुआ था. इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि इसी दिन महाभारत की रचना शुरू हुई थी. इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है. इसलिए इसे पुण्य कमाने का सबसे उत्तम दिन माना गया है.
अक्षय तृतीया पर क्या दान करें?
इस दिन दान करने का विशेष महत्व होता है. ऐसा माना जाता है कि सही वस्तु का दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
- जल का दान – गर्मी के मौसम में पानी से भरा घड़ा, कलश या प्याऊ लगवाना बहुत पुण्यदायी होता है. इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.
- अन्न और सत्तू – गेहूं, जौ, चना और सत्तू का दान करने से व्यक्ति को स्वर्ण दान के बराबर फल मिलता है.
- वस्त्र और उपयोगी चीजें – छाता, चप्पल, पंखा और कपड़े दान करने से ग्रह दोष कम होते हैं और जीवन में राहत मिलती है.
- सोना-चांदी – अगर संभव हो तो सोना या चांदी का दान करना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन अगर यह संभव न हो तो चने की दाल का दान भी उतना ही फल देता है.
- अन्य चीजें – नमक, घी, चीनी, फल और सब्जियों का दान भी किया जा सकता है, जो जीवन में संतुलन और सुख लाता है.
अक्षय तृतीया पर कौन से रंग पहनें?
इस दिन पहने गए रंग भी आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं.
- पीला रंग – भगवान विष्णु का प्रिय रंग माना जाता है, जो सुख-समृद्धि लाता है.
- सफेद रंग – शांति, पवित्रता और सुकून का प्रतीक है.
- लाल रंग – सौभाग्य, ऊर्जा और खुशहाली का संकेत देता है.
इन रंगों के कपड़े पहनने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पूजा का फल और बढ़ जाता है.
पूजा विधि: ऐसे करें शुभ शुरुआत
अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. इसके बाद भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें. पूजा में फूल, फल और मिठाई अर्पित करें और सच्चे मन से प्रार्थना करें. मंदिर जाकर दर्शन करना और धार्मिक ग्रंथ पढ़ना भी बहुत लाभकारी माना जाता है. इस दिन किए गए दान-पुण्य से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है.
क्यों खास है अक्षय तृतीया?
अक्षय तृतीया सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सकारात्मक शुरुआत और पुण्य कमाने का अवसर है. इस दिन किया गया हर अच्छा काम जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि लेकर आता है. इसलिए इस दिन दान, पूजा और अच्छे कर्मों को अपनाकर आप अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं.
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