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PM Modi To Address The Nation: भारत को शिक्षा और चिकित्सा का केंद्र बनाना है लक्ष्य
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Thursday, August 15, 2024
Last Updated On: Thursday, August 15, 2024
78 वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के विकास को आकार देने, नवाचार को बढ़ावा और देश को विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से भविष्य की रूपरेखा देश के सामने रखा।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Thursday, August 15, 2024
आज पूरा देश अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस (78th Independence day) मना रहा है। लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज सुबह लगातार ग्यारहवीं बार तिरंगा फहराया। इस भव्य समारोह का पूरी दुनिया गवाह बनी। वहीं लाल किले पर देश भर से आए गणमान्य लोगों के साथ-साथ हजारों की संख्या में आम लोग भी आमंत्रित थे। इनमें किसान से लेकर, कारीगर, मूर्तिकार से लेकर पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण इलाकों के शिक्षक एवं भोजन माता भी शामिल थीं। हाल में सम्पन्न हुए पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी भी इस समारोह के साक्षी बने।
समारोह में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के विकास को आकार देने, नवाचार को बढ़ावा और देश को विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से भविष्य की रूपरेखा देश के सामने रखा।
जीवन को आसान बनाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीवन को आसान बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने एवं उसे पूरा करने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने व्यवस्थित मूल्यांकन और बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने की बात कही। साथ ही कहा कि सैकड़ों कानूनों को खत्म कर सरकार ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है।
नालंदा भवन (Nalanda Bhawan) का पुनरुद्धार
बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University) के पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की अपनी मंशा बताई। उन्होंने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की भावना को पुनर्जीवित करने की मांग की। इस विश्वविद्यालय का इसी वर्ष (2024 में) उद्घाटन किया गया है।
मेड इन इंडिया चिप-सेमीकंडक्टर (Made in India Chip-Semiconductor)

आज पूरी दुनिया में चिप और सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ रहा है। इसका कारण दुनिया का तकनीकी होना है। इसमें चीन का आधिपत्य है। अब भारत भी इसके उत्पादन मएब धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर उत्पादन में वैश्विक नेता बनने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इसका मूल उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करना और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।
कौशल भारत (Skills India) का सपना
प्रधानमंत्री मोदी बजट 2024 का जिक्र करते हुए बताया कि भारत के युवाओं को प्रशिक्षित करने और दुनिया की कौशल राजधानी बनने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश के युवाओं को स्किल बनाने के लिए इस बार के बजट में ज्यादा धनराशि दी गई है।
मेक इन इंडिया (Make in India) पर जोर
देश की आबादी पूरे विश्व में सबसे अधिक है। इसमें युवाओं की संख्या भी उच्चतम स्तर पर है। प्रधानमंत्री देश के विशाल संसाधनों और कुशल कार्यबल का लाभ लेते हुए भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने की कल्पना की है। इसके लिए मोदी सरकार की कार्य योजना भी उन्होंने बताया।
भारत में दुनिया के लिए डिजाइन
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्वदेशी डिजाइन क्षमताओं की प्रशंसा की। उन्होंने छोटे और मँझोले उत्पादनकर्ताओं से ‘भारत में डिजाइन, दुनिया के लिए डिजाइन’ मुहावरे को गढ़ते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने वाले उत्पाद बनाने का आग्रह किया।
वैश्विक गेमिंग बाजार (Global Gaming Market) में अग्रणी
भारत को मेड इन इंडिया गेमिंग उत्पादों के साथ आने के लिए अपनी समृद्ध प्राचीन विरासत और साहित्य का लाभ उठाने के बारे में भी प्रधानमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवरों को वैश्विक गेमिंग बाजार का नेतृत्व करना चाहि। न केवल खेलने में बल्कि गेम बनाने में भी। उन्होंने कहा कि भारतीय खेलों को दुनिया भर में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
हरित नौकरियां, हरित हाइड्रोजन मिशन (Green Hydrogen Mission)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्रचारी से भारत की पर्यावरण के प्रति चिंता के भी उल्लेख किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के भारत के प्रयासों में हरित नौकरियों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश का ध्यान अब हरित विकास और हरित नौकरियों पर है, जो पर्यावरण संरक्षण में योगदान करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने हरित हाइड्रोजन उत्पादन में वैश्विक नेता बनने और पर्यावरण संरक्षण तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सतत रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
स्वस्थ भारत मिशन (Health India Mission)
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत को ‘स्वस्थ भारत’ के मार्ग पर चलना चाहिए, ऐसा प्रधानमंत्री का मानना है। इस पर उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत राष्ट्रीय पोषण अभियान के साथ हो गई है।
राज्यों के बीच सकारात्मक निवेश प्रतियोगिता

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए गंभीरता से सोचें और उस पर अमल करें। साथ ही सुशासन का आश्वासन देने और कानून-व्यवस्था की स्थिति में विश्वास सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीतियां स्थापित करने का भी उन्होंने राज्यों से आह्वान किया।
हरित ऊर्जा (Green Energy) लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने वाला G20 देशों में एकमात्र देश रहा है।
चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) का विस्तार
आज देश के मध्यवर्गीय परिवार के बच्चे चिकित्सा शिक्षा लेने के लिए दूसरे देश जाते हैं। इसके लिए उनके परिवारों को लाखों, करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दस साल में एक लाख मेडिकल की सीटें बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अगले 5 वर्षों में 75,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना बना ली गई है। इसका उद्देश्य देश की चिकित्सा शिक्षा क्षमता को बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
राजनीति में नए लोगों लाना
प्रधानमंत्री ने राजनीति में परिवरवाद का भी जिक्र किया। इसे खत्म करने के लिए उन्होंने 1 लाख युवाओं को राजनीतिक व्यवस्था में लाने का आह्वान किया। ये युवा उन परिवारों से होंगे, जिनके परिवार का कोई राजनीति इतिहास नहीं है। इस पहल का उद्देश्य भाई-भतीजावाद और जातिवाद की बुराइयों से लड़ना और भारत की राजनीति में नए लोगों को शामिल करना है। इसके लिए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी एक दल नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ें।
भ्रष्टाचार (Corruption) पर हमला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे मेरी प्रतिष्ठा को कोई भी हानि पहुंचे, उसकी मुझे चिंता नहीं है। कुछ लोग भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रहे हैं। यह खतरनाक है। क्योंकि यदि वे सफल हो गए तो देश के ईमानदार लोगों की भी लगने लगेगा कि वही सही रास्ता है। इसलिए चाहे कुछ भी हो जाएं सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।













