Karnataka Congress: कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर सस्पेंस, सिद्धारमैया के इस्तीफे पर क्या है असली स्थिति?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, May 27, 2026
Updated On: Wednesday, May 27, 2026
Karnataka Congress: कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हैं. कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई बैठकों के बाद भी स्थिति साफ नहीं है. डीके शिवकुमार से अहम मुलाकात पर सबकी नजर है. पार्टी इसे संगठनात्मक चर्चा बता रही है, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, May 27, 2026
Karnataka Congress: कर्नाटक की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गर्म है, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पद से इस्तीफा देने या बने रहने को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस के भीतर चल रही इस राजनीतिक हलचल ने राज्य की सियासत को पूरी तरह चर्चा का केंद्र बना दिया है. हालांकि सिद्धारमैया ने अब तक साफ तौर पर कोई बड़ा फैसला नहीं सुनाया है, जिससे अटकलों का दौर और भी बढ़ गया है. पार्टी हाईकमान से हुई बैठकों के बाद भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है.
दिल्ली बैठक के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मौजूद रहे. इस बैठक के बाद से ही कर्नाटक की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि कांग्रेस की तरफ से इसे केवल संगठनात्मक बैठक बताया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है.
सिद्धारमैया का बयान और बढ़ता सस्पेंस
बैठक के बाद जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सवाल किए गए तो उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए केवल इतना कहा कि इस पर वे “कल बात करेंगे.” उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है. वहीं उन्होंने बेंगलुरु में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान की सराहना की, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन को लेकर किसी भी स्पष्ट जवाब से बचते नजर आए.
डीके शिवकुमार से अहम मुलाकात पर नजरें
अब सभी की नजर गुरुवार को होने वाली उस बैठक पर टिकी है, जिसमें सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एक साथ नाश्ते पर मुलाकात करेंगे. यह बैठक बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर होगी और इसे बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति की दिशा कुछ हद तक साफ हो सकती है, खासकर उस स्थिति में जब कांग्रेस सरकार अपने ढाई साल पूरे कर चुकी है.
पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान और चर्चाएं
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति लंबे समय से बनी हुई है. डीके शिवकुमार के समर्थक कई बार उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा चुके हैं, जबकि कुछ नेता अन्य विकल्पों की भी बात करते रहे हैं. इसी बीच गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी कहा कि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और हाईकमान की अगली बैठकों के बाद ही तस्वीर साफ हो सकती है.
कांग्रेस का रुख और भविष्य की राजनीति
कांग्रेस नेतृत्व ने फिलहाल इन सभी चर्चाओं को केवल अटकलें बताते हुए खारिज किया है. पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में हुई बैठक में केवल संगठनात्मक मुद्दों और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई थी. लेकिन इसके बावजूद कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा थमती नहीं दिख रही है. आने वाले दिनों में होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहते हैं या फिर राज्य की कमान किसी नए चेहरे को मिलती है.
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