Loco Pilot In The Railways: रेलवे में लोको पायलट कैसे बनें? 12वीं के बाद ऐसे शुरू करें सफर, जानें पूरी प्रक्रिया
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, June 8, 2026
Updated On: Monday, June 8, 2026
Loco Pilot In The Railways: भारतीय रेलवे में लोको पायलट बनना लाखों युवाओं का सपना है. 12वीं या आईटीआई/डिप्लोमा के बाद उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की ALP परीक्षा देकर इस पद तक पहुंच सकते हैं. चयन के बाद विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. यह नौकरी सम्मान, जिम्मेदारी, अच्छे वेतन और स्थायी करियर का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, June 8, 2026
Loco Pilot In The Railways: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और हर दिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का काम करता है. इस विशाल व्यवस्था के पीछे कई कर्मचारियों की मेहनत होती है, लेकिन ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोको पायलट के कंधों पर होती है. यही कारण है कि रेलवे में लोको पायलट का पद बेहद सम्मानजनक माना जाता है. जो युवा तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखते हैं और रेलवे में एक स्थायी करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.
आखिर कौन होता है लोको पायलट?
जब कोई ट्रेन पटरियों पर दौड़ती है, तो उसकी कमान लोको पायलट के हाथों में होती है. ट्रेन की गति नियंत्रित करने से लेकर सिग्नलों का पालन करने और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखने तक, हर महत्वपूर्ण फैसला लोको पायलट को लेना पड़ता है. यात्रा के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या या आपात स्थिति आने पर भी तुरंत निर्णय लेना उसकी जिम्मेदारी होती है. यही वजह है कि इस पद के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं बल्कि सतर्कता और मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है.
12वीं के बाद कैसे शुरू करें तैयारी?
अगर आप स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद रेलवे में लोको पायलट बनने का सपना देखते हैं तो सबसे पहले तकनीकी योग्यता हासिल करनी होगी. उम्मीदवार के पास 10वीं या 12वीं के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई सर्टिफिकेट या इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए. विशेष रूप से मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे विषय इस क्षेत्र में काफी उपयोगी माने जाते हैं. कई छात्र 10वीं के बाद आईटीआई करके भी इस क्षेत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू कर देते हैं.
रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा है सबसे अहम पड़ाव
लोको पायलट बनने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती परीक्षा पास करनी होती है. यह चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. सबसे पहले कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें गणित, सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता और विज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं. इसके बाद तकनीकी विषयों पर आधारित दूसरी परीक्षा होती है. सफल अभ्यर्थियों को एप्टीट्यूड टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच से भी गुजरना पड़ता है. हर चरण में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है क्योंकि प्रतियोगिता काफी कठिन होती है.
आयु सीमा और जरूरी योग्यताएं
रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु आमतौर पर 18 से 28 वर्ष के बीच निर्धारित की जाती है. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाती है. इसके अलावा उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना भी अनिवार्य है. विशेष रूप से आंखों की रोशनी और रंग पहचानने की क्षमता को मेडिकल परीक्षण में गंभीरता से जांचा जाता है.
चयन के बाद मिलती है विशेष ट्रेनिंग
परीक्षा और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को सीधे ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी नहीं दी जाती. पहले उन्हें रेलवे के प्रशिक्षण केंद्रों में विस्तृत तकनीकी और परिचालन प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां इंजन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा नियम, सिग्नल प्रणाली और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की जानकारी दी जाती है. इसके बाद अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में उन्हें वास्तविक ट्रेन संचालन का अनुभव कराया जाता है.
मेहनत और जिम्मेदारी से बनता है सफल करियर
लोको पायलट का पद केवल नौकरी नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है. लाखों यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध यात्रा इसी पद पर निर्भर करती है. यदि कोई छात्र तकनीकी शिक्षा के साथ नियमित तैयारी करे और रेलवे भर्ती परीक्षाओं पर ध्यान दे, तो वह इस क्षेत्र में शानदार करियर बना सकता है. अच्छी सैलरी, सरकारी सुविधाएं और पदोन्नति के अवसर इसे युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय रेलवे नौकरियों में शामिल करते हैं.
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।













