Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026, 26 सीटों पर मुकाबला, लेकिन नजरें मध्य प्रदेश और झारखंड पर क्यों टिकी हैं? जानें समीकरण
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, June 9, 2026
Updated On: Tuesday, June 9, 2026
Rajya Sabha Election 2026: 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में 26 सीटों पर मतदान होगा. अधिकांश राज्यों में तस्वीर साफ है, लेकिन मध्य प्रदेश और झारखंड में अतिरिक्त उम्मीदवारों के कारण मुकाबला रोचक बन गया है. क्रॉस वोटिंग की संभावना और NDA की बढ़ती ताकत ने इस चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बना दिया है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Tuesday, June 9, 2026
Rajya Sabha Election 2026: 18 जून 2026 को देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है. इनमें नियमित सीटों के साथ कुछ उपचुनाव वाली सीटें भी शामिल हैं. सामान्य तौर पर राज्यसभा चुनाव विधानसभा में मौजूद संख्या बल के आधार पर तय माने जाते हैं, लेकिन इस बार कुछ राज्यों में अतिरिक्त उम्मीदवारों की एंट्री ने राजनीतिक गणित को रोचक बना दिया है. खासकर मध्य प्रदेश और झारखंड में चुनावी मुकाबला केवल संख्या का नहीं, बल्कि रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग का भी बन गया है.
NDA की नजर राज्यसभा में बड़ी बढ़त पर
राज्यसभा में फिलहाल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पहले से मजबूत स्थिति में है. अब उसकी कोशिश ऊपरी सदन में अपनी संख्या और बढ़ाने की है. यही कारण है कि भाजपा ने कुछ राज्यों में अपेक्षा से अधिक उम्मीदवार उतारकर विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है. यदि यह दांव सफल होता है तो राज्यसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हो सकती है.
मध्य प्रदेश में क्यों बढ़ा रोमांच?
मध्य प्रदेश की तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं. विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि कांग्रेस भी एक सीट जीतने की स्थिति में दिखाई देती है. राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है.
हालांकि भाजपा ने तीन उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. अब चर्चा इस बात की है कि क्या विपक्षी खेमे में कोई क्रॉस वोटिंग होगी या कोई विधायक मतदान से दूर रहेगा. यदि ऐसा होता है तो तीसरी सीट का समीकरण बदल सकता है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश का चुनाव पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है.
झारखंड में निर्दलीय उम्मीदवार ने बदला खेल
झारखंड में स्थिति और भी रोचक है. यहां विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर दोनों सीटें INDIA गठबंधन के खाते में जाती हुई दिखाई देती हैं. लेकिन भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के मैदान में आने से मुकाबला आसान नहीं रह गया है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विपक्षी खेमे में कोई टूट या क्रॉस वोटिंग होती है. यदि वोटों का बंटवारा हुआ तो परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं. यही कारण है कि झारखंड इस चुनाव का सबसे चर्चित राजनीतिक रणक्षेत्र बन गया है.
किन राज्यों में तस्वीर लगभग साफ?
कुछ राज्यों में मुकाबला लगभग एकतरफा माना जा रहा है.
प्रमुख राज्यों की स्थिति
- गुजरात : भाजपा को स्पष्ट बहुमत, सभी सीटों पर बढ़त.
- आंध्र प्रदेश : टीडीपी और जनसेना गठबंधन मजबूत स्थिति में.
- राजस्थान : भाजपा और कांग्रेस के बीच संख्या के अनुसार सीटों का बंटवारा संभव.
- कर्नाटक : कांग्रेस और भाजपा दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर.
- पूर्वोत्तर राज्य : स्थानीय दलों और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त.
इन राज्यों में परिणामों को लेकर ज्यादा अनिश्चितता नहीं दिख रही, लेकिन राजनीतिक महत्व फिर भी बना हुआ है.
बड़े नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त
इस चुनाव के साथ कई दिग्गज नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है. यही वजह है कि राजनीतिक दल अपने अनुभवी नेताओं को दोबारा सदन भेजने की कोशिश कर रहे हैं. कई राज्यों में उम्मीदवार चयन को लेकर भी काफी चर्चा देखने को मिली.
164 सीटों का आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण?
राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है. किसी भी गठबंधन के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करना बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जाता है. इसके लिए 164 सीटों की जरूरत होती है.
वर्तमान स्थिति में NDA इस लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका है. जून और इसके बाद होने वाले चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि गठबंधन इस महत्वपूर्ण आंकड़े तक पहुंच पाता है या नहीं.
क्रॉस वोटिंग बनेगी सबसे बड़ा फैक्टर?
इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा क्रॉस वोटिंग को लेकर है. मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में यदि कुछ विधायक पार्टी लाइन से हटकर मतदान करते हैं तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं. यही वजह है कि मतदान से पहले सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं.
निष्कर्ष
राज्यसभा चुनाव 2026 केवल 26 सीटों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है. मध्य प्रदेश और झारखंड में बने रोचक समीकरण, संभावित क्रॉस वोटिंग और NDA की बढ़ती ताकत इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है. 18 जून के नतीजे सिर्फ सीटों का आंकड़ा नहीं बताएंगे, बल्कि यह भी संकेत देंगे कि देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ रही है.
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