Cyber Fraud Alert: साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? फर्जी वेबसाइट की पहचान क्या है और ठगी से कैसे बचें?

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, June 29, 2026

Last Updated On: Monday, June 29, 2026

Cyber Fraud Alert showing how to report cyber crime, identify fake websites and stay safe from online fraud in Hindi.
Cyber Fraud Alert showing how to report cyber crime, identify fake websites and stay safe from online fraud in Hindi.

Cyber Fraud Alert: साइबर ठग अब सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल जैसी फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. नकली वेबसाइट पर डिवाइस ब्लॉक होने का झांसा देकर पैसे और निजी जानकारी मांगी जाती है. जानिए असली पोर्टल की पहचान, इस नए फ्रॉड का तरीका और सुरक्षित रहने के जरूरी उपाय.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, June 29, 2026

Cyber Fraud Alert: आज के समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार ने लोगों की मदद के लिए साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने का आधिकारिक पोर्टल बनाया है, लेकिन अब ठगों ने उसी के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. साइबर अपराधी नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और शिकायत दर्ज कराने के बहाने उनकी निजी जानकारी और पैसे दोनों ठग रहे हैं. ऐसे में इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच करना बेहद जरूरी हो गया है.

क्या है नया साइबर फ्रॉड?

हाल ही में सामने आए एक नए साइबर स्कैम में जालसाज सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं. ये वेबसाइट देखने में लगभग असली जैसी लगती है, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं. कई लोग जब इंटरनेट पर “साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें” या “Cyber Crime Report Website” जैसे शब्द सर्च करते हैं, तो उन्हें ये नकली वेबसाइटें दिखाई देती हैं और वे अनजाने में इन्हीं पर पहुंच जाते हैं.

भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने भी लोगों को इस तरह की फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह दी है.

कैसे फंसाते हैं ठग?

जैसे ही कोई व्यक्ति नकली पोर्टल खोलता है, स्क्रीन पर एक डराने वाला संदेश दिखाई देता है. इसमें लिखा होता है कि “Your Device/Computer Has Been Blocked” या आपका सिस्टम लॉक कर दिया गया है. इसके बाद स्क्रीन पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने या डिवाइस अनलॉक कराने के लिए पैसे जमा करने का दबाव बनाया जाता है.

घबराहट में कई लोग ठगों की बातों में आकर ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं. इतना ही नहीं, कई मामलों में उनसे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य निजी विवरण भी मांगे जाते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है.

फर्जी वेबसाइट की पहचान कैसे करें?

ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते समय कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें.

  • किसी भी वेबसाइट का वेब एड्रेस ध्यान से जांचें.
  • सरकारी वेबसाइट के नाम में अतिरिक्त शब्द, गलत स्पेलिंग या अजीब डोमेन दिखाई दे तो सतर्क रहें.
  • वेबसाइट पर अनावश्यक पॉप-अप या डराने वाले संदेश दिखाई दें तो तुरंत उसे बंद कर दें.
  • किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंक पासवर्ड या कार्ड की जानकारी साझा न करें.
  • डिवाइस ब्लॉक होने का दावा करने वाली वेबसाइट पर कभी भी तुरंत भुगतान न करें.

सुरक्षित रहने के आसान उपाय

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा सही तरीका अपनाएं.

  • ब्राउजर में सीधे cybercrime.gov.in टाइप करके ही आधिकारिक पोर्टल खोलें.
  • गूगल सर्च में दिखाई देने वाले किसी भी अनजान लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें.
  • शिकायत दर्ज करने से पहले वेबसाइट का यूआरएल अवश्य जांच लें.
  • अगर कोई वेबसाइट पैसे देकर डिवाइस अनलॉक करने की बात करे, तो उसे तुरंत बंद कर दें.
  • किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या कॉल की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें.

निष्कर्ष

अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं और अब वे सरकारी वेबसाइटों की नकल करके भी लोगों को निशाना बना रहे हैं. इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना सबसे बड़ा बचाव है. याद रखें कि साइबर अपराध की शिकायत हमेशा केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ही दर्ज करें और किसी भी डराने वाले संदेश या फर्जी वेबसाइट के झांसे में आकर भुगतान या निजी जानकारी साझा करने की गलती बिल्कुल न करें. आपकी थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक और डिजिटल ठगी से बचा सकती है.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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