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Sawan 2026: सावन में जलाभिषेक के लिए ये 7 शुभ तिथियां जरूर करें नोट, भोलेनाथ की कृपा पाने का सुनहरा अवसर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, June 29, 2026
Last Updated On: Monday, June 29, 2026
Sawan 2026: सावन 2026 का पवित्र महीना 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा. इस दौरान चार सावन सोमवार, सोम प्रदोष, श्रावण शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी, भौम प्रदोष और सावन पूर्णिमा जैसे सात प्रमुख अवसरों पर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करना अत्यंत शुभ माना गया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, June 29, 2026
Sawan 2026: भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाने वाला सावन माह वर्ष 2026 में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा. इस पूरे महीने में श्रद्धालु व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक के माध्यम से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं. हालांकि सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसी तिथियां होती हैं, जिन पर शिव पूजा और जलाभिषेक करना बेहद शुभ माना गया है. यदि आप इस बार सावन में विशेष पूजा का संकल्प ले रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण तिथियों को पहले से नोट कर लें.
सावन के चार सोमवार का विशेष महत्व
सावन 2026 में कुल चार सोमवार पड़ेंगे. ये तिथियां 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त हैं. मान्यता है कि इन दिनों भगवान शिव का जलाभिषेक करने और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. अविवाहित लोगों को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति और विवाहित लोगों को सुख-समृद्धि तथा परिवार में खुशहाली का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.
सोम प्रदोष और भौम प्रदोष का दुर्लभ संयोग
इस वर्ष 10 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है, जो सावन के दूसरे सोमवार के साथ विशेष संयोग बना रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह योग शिव पूजा और जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके अलावा 25 अगस्त को भौम प्रदोष व्रत रहेगा. इन दोनों तिथियों पर भगवान शिव की विशेष पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होने और सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है.
श्रावण शिवरात्रि पर करें विशेष जलाभिषेक
11 अगस्त 2026 को श्रावण शिवरात्रि मनाई जाएगी. यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से जलाभिषेक करने और शिव मंत्रों का जाप करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा दांपत्य जीवन में सुख, प्रेम और शांति बनी रहती है.
हरियाली तीज और नाग पंचमी का भी है खास महत्व
15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा. यह दिन माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव से उनके दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. इस अवसर पर शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक सुख और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की मान्यता है.
वहीं 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व रहेगा. इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा करना शुभ माना जाता है. धार्मिक विश्वास है कि इससे भय, नकारात्मक शक्तियों और सर्पदंश जैसी परेशानियों से रक्षा होती है.
सावन पूर्णिमा के साथ होगा समापन
सावन माह का अंतिम दिन 28 अगस्त 2026 को पड़ेगा. इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा. सावन पूर्णिमा पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने और श्रद्धा से पूजा-अर्चना करने से शिव कृपा के साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होने की मान्यता है. इसलिए इस दिन विशेष पूजा का महत्व और बढ़ जाता है.
सावन में पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान
सावन के दौरान भगवान शिव को स्वच्छ जल, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना जाता है. पूजा पूरी श्रद्धा और शुद्ध मन से करनी चाहिए. यदि संभव हो तो ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी करें. माना जाता है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से की गई पूजा का फल अवश्य प्राप्त होता है.
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