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Yogini Ekadashi 2026: आज इन 5 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि और बरकत
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 10, 2026
Last Updated On: Friday, July 10, 2026
Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी 2026 पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ घर की पांच शुभ जगहों पर दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सुख-समृद्धि बढ़ती है, धन-धान्य की प्राप्ति होती है और परिवार पर भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 10, 2026
Yogini Ekadashi 2026: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी सनातन धर्म की अत्यंत पुण्यदायी एकादशियों में गिनी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है. शास्त्रों में इस व्रत का महत्व इतना अधिक बताया गया है कि इसका पुण्य हजारों लोगों को भोजन कराने के समान माना जाता है. इसलिए श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं.
घर की इन पांच जगहों पर दीपक जलाना माना जाता है शुभ
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, योगिनी एकादशी के दिन घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार पर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. सबसे पहले तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. इसके अलावा मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर में शुभ ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर रहती है.
मंदिर, पीपल और रसोई में भी करें दीपदान
योगिनी एकादशी पर घर के मंदिर में घी का दीपक या अखंड ज्योति प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे घर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक बना रहता है. वहीं पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से शनि दोष और पितृ दोष से राहत मिलने की मान्यता है. इसके साथ ही रसोईघर में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे माता अन्नपूर्णा का निवास स्थान माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती.
दीपक जलाते समय रखें इन बातों का विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक जलाने के लिए शुद्ध गाय के घी या सरसों के तेल का उपयोग करना शुभ माना जाता है. पूजा के समय मन को शांत रखें और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए श्रद्धा एवं विश्वास के साथ दीप प्रज्वलित करें. पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति का माध्यम भी है.
आस्था के साथ करें पूजा, तभी मिलेगा शुभ फल
योगिनी एकादशी का वास्तविक महत्व केवल व्रत या दीपक जलाने तक सीमित नहीं है. इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण, सत्कर्म, संयम और श्रद्धा के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है. इसलिए इस पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा करें और अपने परिवार के सुखद भविष्य की कामना करें.
















