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Sawan Maas 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा शिवभक्ति का पावन पर्व, नोट कर लें चारों सावन सोमवार की तारीखें
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 17, 2026
Last Updated On: Friday, July 17, 2026
Sawan Maas 2026: सावन 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और 28 अगस्त तक शिवभक्ति का पावन माह चलेगा. इस दौरान चार सावन सोमवार पड़ेंगे. पहले सोमवार पर शुभ योगों का विशेष संयोग रहेगा. शिव पूजा, जलाभिषेक और व्रत को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी और शुभ माना गया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 17, 2026
Sawan Maas 2026: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस पूरे माह में भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा करने पर वे शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन माह 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा. इस पूरे महीने में शिव मंदिरों में विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा. शिव भक्त व्रत रखकर और नियमों का पालन करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करेंगे.
क्यों खास है सावन का महीना?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था. विष की तीव्र गर्मी को शांत करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया. तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई. धार्मिक विश्वास है कि इस महीने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. यही कारण है कि सावन को भक्ति, तप, संयम और शिव आराधना का महीना कहा जाता है.
नोट कर लें सावन सोमवार 2026 की तारीखें
सावन में आने वाले सोमवार का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. वर्ष 2026 में सावन के चार सोमवार पड़ेंगे.
- पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त 2026
- चौथा और अंतिम सावन सोमवार – 24 अगस्त 2026
इसी महीने कई श्रद्धालु 16 सोमवार व्रत का संकल्प भी लेते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है.
पहला सावन सोमवार रहेगा बेहद शुभ
इस बार 3 अगस्त 2026 को पड़ने वाला पहला सावन सोमवार विशेष शुभ माना जा रहा है. इस दिन उत्तरभाद्रपदा और रेवती नक्षत्र का संयोग रहेगा. इसके साथ ही सुकर्मा योग और धृति योग भी बनेंगे, जिससे दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाएगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों में भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और विधि-विधान से पूजा करने पर कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है. माना जाता है कि इस दिन की गई आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं.
कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति से गूंजेगा सावन
सावन का महीना केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था और भक्ति का विशाल उत्सव भी है. इसी दौरान देशभर में लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा निकालते हैं. श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख, वाराणसी और अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. पूरे महीने मंदिरों में भक्तों की भीड़, शिव मंत्रों का जाप और धार्मिक आयोजन वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा, संयम और सच्ची भक्ति के साथ भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली का आगमन होता है. सावन का यह पावन महीना हर शिवभक्त के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और नई उम्मीदों का संदेश लेकर आता है.
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