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US-Iran जंग तेज, सातवीं रात ईरान पर अमेरिकी हमला, MQ-9 ड्रोन तबाह होने का दावा, होर्मुज में तेल टैंकरों पर अटैक
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, July 18, 2026
Last Updated On: Saturday, July 18, 2026
US Iran conflict: अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने और होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया है. कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, July 18, 2026
US Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के विभिन्न इलाकों पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है. यह अभियान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चलाया जा रहा है. इससे पहले ट्रंप ने साफ कहा था कि जरूरत पड़ने पर ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर हमले और तेज किए जाएंगे तथा जमीनी सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रहेगा.
ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया
सैन्य कार्रवाई के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है. ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक बुशेहर के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया गया. ईरान का कहना है कि करीब 3.4 करोड़ डॉलर कीमत वाला यह अत्याधुनिक ड्रोन कुछ ही क्षणों में नष्ट कर दिया गया. हालांकि, अमेरिका ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले कुछ और दिनों तक जारी रहे तो ईरान पूरी ताकत के साथ जवाबी सैन्य अभियान शुरू करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिन देशों की जमीन या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल अमेरिका करेगा, वहां मौजूद अमेरिकी हितों और कंपनियों को भी निशाना बनाया जा सकता है. इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है.
होर्मुज स्ट्रेट और तेल टैंकरों को लेकर बड़े दावे
ईरान के सरकारी टीवी और तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में दो तेल टैंकर विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गए. ईरान का कहना है कि उसने पहले ही जहाजों को इस समुद्री मार्ग से बचने की चेतावनी दी थी. IRGC ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.
अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का भी दावा
ईरानी मीडिया ने यह दावा भी किया कि कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए. रिपोर्टों के अनुसार जॉर्डन के मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस को भी निशाना बनाया गया. हालांकि इन घटनाओं की भी किसी स्वतंत्र एजेंसी या अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों का असर अब देश के अंदर कई क्षेत्रों तक पहुंच गया है. यज्द, फार्स और खुज़ेस्तान प्रांत के अहवाज शहर में कई धमाकों की सूचना मिली है. स्थानीय रिपोर्टों में मिसाइल हमलों का दावा किया गया है. लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस संघर्ष के अगले कदम पर टिकी हुई है.
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