ग्लोबल मार्केट में मचा हड़कंप, भारत से जापान तक शेयर बाजार लुढ़के, पाकिस्तान में सबसे बड़ी गिरावट

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, July 20, 2026

Last Updated On: Monday, July 20, 2026

Global Stock Market Crash के दौरान भारत, जापान और पाकिस्तान के शेयर बाजार में भारी गिरावट का दृश्य
Global Stock Market Crash के दौरान भारत, जापान और पाकिस्तान के शेयर बाजार में भारी गिरावट का दृश्य

Global Stock Market Crash: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली. भारत में सेंसेक्स 700 अंक से अधिक और निफ्टी करीब 180 अंक टूट गया. जापान, दक्षिण कोरिया और पाकिस्तान के बाजार भी दबाव में रहे. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, July 20, 2026

Global Stock Market Crash: सप्ताह की शुरुआत वैश्विक शेयर बाजारों के लिए भारी उतार-चढ़ाव लेकर आई. भारत समेत एशिया के कई प्रमुख बाजारों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों का माहौल बिगाड़ दिया. इसके चलते निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों में साफ दिखाई दिया.

भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार से ही दबाव

सोमवार को कारोबार शुरू होते ही भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में पहुंच गया. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती घंटों में ही 700 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी करीब 180 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली. विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संकेतों के कमजोर रहने और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा.

एशियाई बाजारों में भी दिखी भारी कमजोरी

भारत ही नहीं, बल्कि जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार भी बड़ी गिरावट की चपेट में रहे. जापान का निक्केई सूचकांक शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट के बाद कुछ संभला, लेकिन पूरे दिन दबाव बना रहा. वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी लगातार फिसलता रहा. इन बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों के बीच यह संकेत दिया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता फिलहाल कम होने वाली नहीं है.

पाकिस्तान के बाजार में सबसे बड़ा झटका

पड़ोसी देश पाकिस्तान का शेयर बाजार इस वैश्विक गिरावट से सबसे अधिक प्रभावित नजर आया. कारोबार शुरू होते ही वहां के प्रमुख सूचकांक में 1700 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. अचानक आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों में घबराहट बढ़ा दी. विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे बाजारों पर वैश्विक संकट का असर और ज्यादा देखने को मिल रहा है.

गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस वैश्विक बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है. मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी आशंकाओं और तेल आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी बाजार की कमजोरी का प्रमुख कारण बना. ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई और वैश्विक आर्थिक दबाव की आशंका और बढ़ गई है.

एक नजर में बाजार का हाल

  • सेंसेक्स में 700 अंकों से अधिक की गिरावट.
  • निफ्टी करीब 180 अंक तक फिसला.
  • जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी दबाव में रहे.
  • पाकिस्तान के KSE-100 सूचकांक में 1700 अंकों से ज्यादा की गिरावट.
  • कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची.
  • मिडिल ईस्ट तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता से वैश्विक बाजारों में बिकवाली.

आगे निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक घटनाक्रम से जुड़ी है. ऐसे समय में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय बाजार की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. यदि मिडिल ईस्ट का तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो बाजार में सुधार की संभावना बन सकती है. फिलहाल निवेशकों के लिए सतर्क रहना और लंबी अवधि की रणनीति अपनाना अधिक उचित माना जा रहा है.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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