महंगाई ने फिर बढ़ाई जेब की चिंता, जून में RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, July 13, 2026

Last Updated On: Monday, July 13, 2026

Retail Inflation Rise. जून में RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति. CPI Inflation News India
Retail Inflation Rise. जून में RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति. CPI Inflation News India

Retail Inflation Rise: जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38 प्रतिशत पहुंच गई, जो पांच महीने बाद RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर है. खाद्य वस्तुओं, खासकर अदरक और टमाटर की कीमतों में तेज उछाल ने महंगाई बढ़ाई है. जानिए किन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा और आगे क्या संकेत हैं.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, July 13, 2026

Retail Inflation Rise: कुछ महीनों तक महंगाई पर काबू रहने के बाद जून 2026 में आम लोगों को फिर बड़ा झटका लगा है. सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है. लगातार कई महीनों से बढ़ रही महंगाई ने एक बार फिर रसोई के बजट और घरेलू खर्चों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. खासकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेजी ने आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालना शुरू कर दिया है.

पांच महीने बाद RBI के लक्ष्य से बाहर निकली महंगाई

मई 2026 में खुदरा महंगाई 3.93 प्रतिशत थी, लेकिन जून में इसमें 0.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 4.38 प्रतिशत तक पहुंच गई. इससे पहले जनवरी में महंगाई दर घटकर 2.74 प्रतिशत पर आ गई थी. इसके बाद फरवरी में 3.21 प्रतिशत, मार्च में 3.40 प्रतिशत, अप्रैल में 3.48 प्रतिशत और मई में 3.93 प्रतिशत रही. लगातार बढ़ते इस ग्राफ ने जून में आरबीआई के निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया. हालांकि आरबीआई का महंगाई लक्ष्य 4 प्रतिशत है, लेकिन इसके साथ 2 प्रतिशत ऊपर और नीचे का सहनशीलता दायरा भी तय किया गया है.

सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर

जून में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई तेजी रही. खाद्य महंगाई बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गई, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी. ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.45 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.09 प्रतिशत दर्ज की गई. इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर पड़ा, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हुआ.

अदरक और टमाटर ने बढ़ाई परेशानी

सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अदरक की महंगाई दर बढ़कर 50.41 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि टमाटर की कीमतों में भी करीब 31.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि आलू और मटर की कीमतों में राहत देखने को मिली. आलू की महंगाई दर -20.34 प्रतिशत और मटर की -9.67 प्रतिशत रही, जिससे कुछ हद तक उपभोक्ताओं को राहत मिली.

सोना-चांदी भी हुए महंगे

महंगाई केवल खाने-पीने तक सीमित नहीं रही. कीमती धातुओं में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. चांदी के आभूषणों की महंगाई दर 133.21 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण 36.82 प्रतिशत महंगे हो गए. ऐसे में निवेश और शादी-ब्याह की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई?

राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तेलंगाना में खुदरा महंगाई सबसे अधिक 6.36 प्रतिशत रही. इसके बाद आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में 5.39 प्रतिशत, तमिलनाडु में 5.24 प्रतिशत और ओडिशा में 5.15 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई. वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महंगाई सबसे कम 2.96 प्रतिशत रही, जिससे वहां के उपभोक्ताओं को अन्य राज्यों की तुलना में कुछ राहत मिली.

आगे क्या हैं संकेत?

जून के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई एक बार फिर ऊपर की ओर बढ़ रही है. यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले महीनों में आम लोगों की जेब पर और दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में अब सबकी नजर आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति और सरकार के उन कदमों पर रहेगी, जो महंगाई को नियंत्रित करने के लिए उठाए जा सकते हैं.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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