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Stock Market Outlook: क्रूड और US-ईरान तनाव से बाजार पर दबाव, आज इन 6 संकेतों पर रहेगी नजर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, September 8, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 8, 2026
Stock Market Outlook 8 September: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर ग्लोबल संकेतों का दबाव रह सकता है. अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं. GIFT Nifty भी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है. निफ्टी के सपोर्ट लेवल, एशियाई बाजार और FII-DII गतिविधियों पर नजर रहेगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, September 8, 2026
Stock Market Outlook 8 September: भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र चुनौतीपूर्ण रह सकता है. अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. GIFT Nifty भी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा था. ऐसे में आज बाजार की दिशा तय करने में ग्लोबल संकेतों के साथ क्रूड और एशियाई बाजारों की चाल अहम रहेगी.
निफ्टी के लिए क्या संकेत?
तकनीकी नजरिए से निफ्टी पर फिलहाल दबाव बना हुआ है. LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रुपक डे के मुताबिक, इंडेक्स राइजिंग चैनल से नीचे कारोबार कर रहा है और 50-EMA के नीचे टिकना कमजोरी का संकेत है. RSI भी कमजोर मोमेंटम की ओर इशारा कर रहा है. उनके अनुसार निफ्टी के लिए 23,700-23,620 का क्षेत्र अहम सपोर्ट बन सकता है, जबकि 23,900 के आसपास रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है.
GIFT Nifty ने बढ़ाई चिंता
सुबह के कारोबार में GIFT Nifty करीब 23,789.50 पर था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 78 अंक नीचे था. इसका सीधा संकेत यही है कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है. हालांकि शुरुआती संकेत पूरे दिन का रुख तय नहीं करते और बाजार बाद में ग्लोबल संकेतों तथा घरेलू खरीदारी के आधार पर दिशा बदल सकता है.
क्रूड ऑयल बना सबसे बड़ा सिरदर्द
निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल को लेकर है. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 97-98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगे तेल से इंपोर्ट बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि तेल की हर बड़ी चाल भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो गई है.
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही. दक्षिण कोरिया का KOSPI मजबूत रहा, जबकि जापान के बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. ऐसे में एशियाई संकेत भारतीय बाजार को कुछ सहारा दे सकते हैं, लेकिन बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों का दबाव फिलहाल ज्यादा प्रभावी नजर आ रहा है.
अमेरिकी बाजार बंद, लेकिन असर आज दिखेगा
सोमवार को Labor Day के कारण अमेरिकी शेयर बाजार बंद रहे थे. अब अमेरिकी बाजार के दोबारा खुलने पर निवेशकों की नजर वहां की चाल पर भी रहेगी. खासकर तेल, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरें वैश्विक बाजारों की दिशा प्रभावित कर सकती हैं. अमेरिकी बाजार की गैर-मौजूदगी में भी उसके फ्यूचर्स और वैश्विक कमोडिटी संकेतों ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया.
FII-DII खरीदारी से मिल सकता है सहारा
घरेलू बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधि भी नजर में रहेगी. सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशक करीब 280.13 करोड़ रुपये के नेट खरीदार रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 566.76 करोड़ रुपये की खरीदारी की. हालांकि सितंबर में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है.
आज बाजार को चलाने वाले 6 बड़े फैक्टर
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
- GIFT Nifty का कमजोर संकेत
- निफ्टी के 23,700-23,620 सपोर्ट जोन पर नजर
- एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
- FII और DII की खरीद-बिक्री
कुल मिलाकर मंगलवार को बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ी रह सकती है. निवेशकों की नजर क्रूड, ग्लोबल मार्केट और निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर रहेगी. ऐसे माहौल में केवल शुरुआती तेजी या गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय बाजार की पूरी तस्वीर पर नजर रखना जरूरी होगा.
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