खांसी हमारे शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो सांस लेने के वायुमार्ग से बलगम को साफ कर देती है। अकसर जब गले या फेफड़ों में इरिटेशन पैदा करने वाली कोई चीज अंदर लेते हैं, तो यह खांसी को ट्रिगर करती है। इसे बाहर निकालने के लिए ऐसा होता है। बारिश के दिनों में मौसम सर्द-गर्म होने पर भी गले में खराश और सूखी खांसी होने लगती है। सूखी खांसी में खांसते समय कोई कफ या बलगम नहीं निकलता है। संक्रमण, अस्थमा, एलर्जी, धूम्रपान और प्रदूषण भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. नीतू भट्ट बताती हैं कि कुछ घरेलू उपचार जिद्दी सूखी खांसी से भी राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
सूखी खांसी के क्या हैं कारण?
एयरवेज की अतिसक्रियता: श्वसन तंत्र के वायुमार्ग अलग-अलग ट्रिगर्स पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, जो अस्थमा की एक पहचान है।
पेट में जमा एसिड: पेट में एसिड जमा होने से गले में जलन और खांसी होती है।
पोस्ट नासल ड्रिप: साइनस से अत्यधिक बलगम गले से नीचे चला जाता है और सूखी खांसी को ट्रिगर करता है।
वायरल संक्रमण : वायरस भी सूखी खांसी के कारण बन सकते हैं।
प्रदूषण के कारक : धुंआ, धूल जैसे पर्यावरणीय कारक खांसी को बढ़ा देते हैं।
दवाएं: कुछ दवाएं जैसे कि ब्लड प्रेशर की दवा कुछ लोगों में खांसी का कारण बन सकती हैं।
अगर सूखी खांसी बनी रहती है, तो समस्या का प्रभावी ढंग से इलाज करने के लिए डॉक्टर से मिलें।
सूखी खांसी के लिए घरेलू उपचार
कई घरेलू उपचार सूखी खांसी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
गर्म नमक के पानी से गरारे करना (Warm Saltwater Gargle) : डॉ. नीतू भट्ट बताती हैं, ‘गर्म नमक के पानी से गरारे करना सूखी खांसी के लिए बहुत पुराना, आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है। नमक गले के सूजे हुए ऊतकों से बलगम और तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। इरिटेशन को दूर करता है और राहत देता है।
सबसे पहले 1 कप गर्म पानी में एक-चौथाई चम्मच नमक घोलें। गले को साफ करने, इरिटेशन को दूर करने और अस्थायी रूप से खांसी से राहत पाने के लिए पूरे दिन में कई बार इस घोल से गरारे करें।’
गर्म भाप (Steam) : गर्म, नम हवा में सांस लेने से वायुमार्ग में बलगम स्राव को ढीला करने में मदद मिल सकती है, ताकि आप खांसकर इसे साफ कर सकें।
भाप जलन को भी शांत करती है। गर्म पानी से भाप लें या भाप को रोकने के लिए अपने सिर पर तौलिया लपेटकर भाप वाले गर्म पानी के तब में बैठ जाएं।
हवा को नम करने के लिए कूल मिस्ट ह्यूमिडिफायर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बढ़ी हुई नमी शुष्क वायुमार्ग को हाइड्रेट और आराम देने में मदद कर सकती है।
अदरक (Ginger) : अदरक में जिंजरोल नामक कंपाउंड होते हैं, जो एयरवेज की मांसपेशियों को आराम देने के लिए जाने जाते हैं। इससे खांसी होने पर बलगम स्राव को अधिक आसानी से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।
ताजा कद्दूकस किये हुए अदरक को गर्म पानी में भिगोकर मसालेदार अदरक की चाय बनाएं। खांसी को दबाने वाले लाभों के लिए अदरक को अन्य हर्बल चाय के मिश्रण में मिलाएं। अदरक के सूजन-रोधी गुण गले की सूजन और बेचैनी को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
थाइम (Thyme) : थाइम में थाइमोल नामक एक सक्रिय यौगिक होता है, जो गले की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है। यह एंटीस्पास्मोडिक के रूप में कार्य करता है, खांसी के दौरों को रोकता है।
सूखी खांसी से राहत के लिए थाइम का उपयोग करने के लिए 3-4 चम्मच सूखे थाइम के पत्तों या पाउडर को उबलते पानी में 5-10 मिनट तक भिगोकर थाइम की चाय बनाएं। खांसी के लिए कभी-कभी इस्तेमाल की जाने वाली थाइम की चाय हल्की राहत प्रदान करती है। थाइम का अधिक उपयोग न करें, क्योंकि अधिक मात्रा में इसका सेवन पेट खराब कर सकता है।
मार्शमैलो रूट (Marshmallow Root) : मार्शमैलो रूट में म्यूसिलेज होता है, जो एक जेल जैसा पदार्थ होता है। यह गले में सूजन वाली झिल्लियों पर आरामदायक, सुरक्षात्मक परत बनाता है। यह सूखी खांसी से होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है। मार्शमैलो रूट चाय, कफ ड्रॉप या सप्लीमेंट के रूप में भी उपलब्ध होता है।
म्यूसिलेज गले पर एक परत बनाता है, जबकि जड़ में संक्रमण से लड़ने में मदद करने के लिए एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।
पुदीना (Peppermint) : पुदीने में मेन्थॉल होता है, जो गले में इरिटेशन पैदा करने वाले तंत्रिका तंत्र को सुन्न करने में मदद करता है, जो खांसी को ट्रिगर करते हैं। यह गले की खराश के लिए दर्द से राहत देता है और खांसी की इच्छा को कम करता है। पुदीना बलगम स्राव को पतला करके एक डिकॉन्गेस्टेंट के रूप में भी काम करता है। सूखी खांसी होने पर रात में खांसी के दौरों को रोकने के लिए विशेष रूप से सोने से पहले ताजे या सूखे पत्तों से बनी पुदीने की चाय पिएं।