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कांग्रेस का चुनाव आयोग को पत्र, कानूनी एक्शन लेने की क्यों दी धमकी
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Saturday, November 2, 2024
Last Updated On: Saturday, November 2, 2024
हरियाणा विधानसभा चुनाव की हार से कांग्रेस अभी तक उबर नहीं पाई है। शायद इस कारण कांग्रेस और आयोग के बीच पत्र युद्ध जारी हो गया है। आज कांग्रेस ने आयोग के पत्र का जवाब देते हुए कानूनी एक्शन लेने तक की धमकी दे डाली।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Saturday, November 2, 2024
हरियाणा विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद से कांग्रेस (Congress) और चुनाव आयोग (Election Commission) एक-दूसरे के ऊपर लेटर बम उछाल रहा है। कांग्रेस अभी भी हरियाणा विधानसभा चुनाव की हार से उबर नहीं पाई है। इस हार के लिए पार्टी ईबीएम (EVM) पर दोष मढ़ रही। वह अभी तक नहीं समझ पाई है कि जिस जीत को लेकर पार्टी, उनके नेता सहित अधिकांश राजनीतिक विशेषज्ञ निश्चित मान रहे थे, वहां हार कैसे हो सकती है। लेकिन हरियाणा में कांग्रेस की हार सत्य है। बस अब हार के सही वजह को पता करना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है न कि चुनाव आयोग या फिर ईबीएम पर दोष मढ़ना।
लेकिन कांग्रेस पार्टी अभी भी वही कर रही है। हरियाणा विधानसभा चुनाव का नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने ईबीएम, उसकी बैटरी और फिर नतीजों को आयोग की वेबसाईट पर धीमे अपडेट को मुद्दा बनाते हुए पत्र लिखा है। बाद में पार्टी के नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया था और पार्टी की हार के लिए ईबीएम को जिम्मेदार ठहराया था।
आयोग का जवाब
कांग्रेस के इन आरोपों का जवाब चुनाव आयोग ने 29 अक्टूबर को दिया था। आयोग ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर सभी सवालों का जवाब दिया था। चुनाव आयोग ने अपने जवाब में लिखा था कि निष्पक्ष, एवं शांतिपूर्ण चुनाव करना आयोग का कर्तव्य है और हम इसके लिए वचनबद्ध हैं। हम निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं कर सकते। कभी किया भी नहीं है। आयोग ने आगे कहा कि इन सबके बावजूद आयोग की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। वह भी आधारहीन दावों से।
आयोग ने आगे यह भी लिखा कि देश की सबसे पुरानी एवं राष्ट्रीय पार्टी को नतीजे के दिन आधारहीन दावों के सहारे कुछ कहने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है।
आयोग को कांग्रेस का जवाब
आयोग के इस पत्र का कांग्रेस ने आज यानी 1 नवम्बर को फिर से एक पत्र लिख कर जवाब दिया है। साथ ही कांग्रेस ने आयोग को कानूनी एक्शन लेने की भी धमकी दे डाली। कांग्रेस ने अपने पत्र में लिखा है कि हमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है कि चुनाव आयोग ने खुद ही खुद को क्लीन चिट दे दी है। हम इस मामले को आगे और नहीं बढ़ाना चाहते थे लेकिन आयोग के पत्र की भाषा और लहजे के कारण इसका जवाब दे रहे हैं।
पार्टी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने जवाब देकर कोई बड़ा काम नहीं किया है। राजनीतिक दलों के सवाल का जवाब देना उनका कर्तव्य है। पार्टी जब भी आयोग को पत्र लिखी है तो सम्मान दी है लेकिन आयोग इसका पालन नहीं कर रहा है। आयोग हमारे नेताओं पर निजी हमले कर रहा है।
ले सकता हूं कानूनी एक्शन
पार्टी ने अपने पत्र में आगे यह भी लिखा है कि आयोग की उनके नेता के प्रति सम्मानजनक भाषा न होना सही परिपाटी नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग को अपनी भाषा बदलनी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है तो पार्टी के पास कानूनी रास्ता अपना सकती है। क्योंकि पार्टी के पास कानूनी एक्शन लेने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होगा।













